क्य़ा मोबाइल फोन के इस्तेमाल से होता है ब्रेन ट्यूमर, जानिए इस मिथ के फैक्ट को
दुनियाभऱ की सबसे गंभीर बीमारियों में से एक ब्रेन ट्यूमर होती है जो सबसे ज्यादा मानव मस्तिष्क को परेशान करती है। इसके चपेट में आने से हर किसी की सोचने समझने की क्षमता कम होने लगती है।
- Written By: दीपिका पाल
ब्रेन ट्यूमर डे 2024 (सोशल मीडिया)
आज दुनियाभर में बड़ी गंभीर बीमारी में से एक ब्रेन ट्यूमर के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए विश्व ब्रेन ट्यूमर डे 2024 मनाया जा रहा है। इसे लेकर एक मिथ चर्चा में आया था कि, मोबाइल चलाने और ज्यादा देर तक इसका इस्तेमाल करने से ब्रेन ट्यूमर होता है। इसे लेकर रिसर्च में ब्रेन ट्यूमर के मामले में कारक माना गया लेकिन इसे सही नहीं माना गया कि, मोबाइल फोन, ही ब्रेन टयूमर जैसी घातक बीमारी की जड़ है। चलिए इससे जुड़े और भी मिथ को फैक्ट के साथ
मोबाइल फोन का इस्तेमाल सही नहीं
जब मोबाइल फोन की बात ब्रेन ट्यूमर से जोड़ी जाए तो इसे स्पष्ट करते हुए यूनाइटेड किंगडम स्थित यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन में हुए एक अध्ययन के अनुसार स्पष्ट किया गया था, इसमें प्रमाण को सही आधार नहीं माना था तो वहीं पर इसके दूसरे पहलू में कहा गया था कि, लंबे समय तक विकिरण (रेडिएशन) के प्रभाव में रहने से शरीर पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है इसलिए व्यक्ति को हेल्दी वातावरण में रहना चाहिए।
क्या युवाओं में है ज्यादा मामले
ब्रेन ट्यूमर वैसे किसी भी वर्ग को प्रभावित नहीं करता है यह हर आयु वर्ग के लोगों को चपेट में ले सकता है। यहां तक कि नवजात शिशु या छोटे बच्चों में भी ब्रेन ट्यूमर के मामले सामने आते हैं। किसी भी व्यक्ति के जीवनकाल में उसे 1 प्रतिशत के करीब ब्रेन ट्यूमर का खतरा होता है।
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जानिए कैसे बचाव संभव
ब्रेन ट्यूमर से बचाव वैसे तो ज्यादा संभव नजर नहीं आता है लेकिन आप अपनी जीवनशैली में बदलाव करके भी इसके खतरे से बचे रह सकते है। इसके लिए नियमित व्यायाम और उचित, पौष्टिक, संतुलित खान-पान और पॉजिटीव सोच रखना जरूरी होता है। इसके अलावा अगर आप धूम्रपान, शराब के आदी है तो आपको इसका खतरा ज्यादा होता है इसक लिए इन सभी लतों से दूर रहे। सेकंडरी ब्रेन ट्यूमर्स (मेटास्टैटिक या मेटास्टेसिस) को परोक्ष रूप से स्वास्थ्यकर जीवनशैली पर अमल कर रोका जा सकता है। यहां पर आप व्यसन के अलावा खानपान में भी बदलाव करके इससे बचें रह सकते है।
