भूलकर भी नजरअंदाज न करें आंखों की ये 5 बीमारियां, जीवनभर के लिए छिन सकती हैं रोशनी
Eye Health Care: रोशनी कमजोर करने के लिए गैजेट्स और मोबाइल फोन जिम्मेदार होते है। आंखों में अगर छोटी सी समस्या हो जाए तो यह बड़ी बीमारी को जन्म देती है। आंखों से जुड़ी कई बीमारियां है।
- Written By: दीपिका पाल
आंखों की पांच बड़ी समस्याएं (सौ. सोशल मीडिया)
Eye Health Problems: हमारे शरीर में सभी अंगों की उपयोगिता होती है जिसमें ही सबसे नाजुक अंग हमारी आंखें है। आंखों के बिना हम जीवन की कल्पना नहीं कर सकते है। आजकल की लाइफस्टाइल में आंखों पर सबसे ज्यादा बुरा असर पड़ रहा है। जिसका कारण है छोटे से लेकर हर वर्ग के लोगों में मोबाइल देखने की आदत। अगर हर एक घंटे से ज्यादा समय मोबाइल देखने में बिताते है तो कई तरह की आंखों को नुकसान पहुंचता है।
रोशनी कमजोर करने के लिए गैजेट्स और मोबाइल फोन जिम्मेदार होते है। आंखों में अगर छोटी सी समस्या हो जाए तो यह बड़ी बीमारी को जन्म देती है। आंखों से जुड़ी कई बीमारियां है जिसके बारे में कम लोग जानते है। चलिए जानते है इसके बारे में…
आंखों को नुकसान पहुंचाती है ये बीमारियां (Aankho Ki Bimari)
शरीर का सबसे खास अंग आंखें होती है जिसका ख्याल रखना जरूरी है, लेकिन 5 गंभीर समस्याएं आंखों से जुड़ी ऐसी है जिसके बारे में कम लोग ही जानते है।
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1- मोतियाबिंद
आंखों की इस बीमारी के बारे में कई लोग जानते है, यह बीमारी अक्सर उम्र बढ़ने के साथ देखने के लिए मिलती है। कई बार यह बीमारी डायबिटीज या चोट के कारण कई लोगों को कम उम्र में भी हो जाती है। इस बीमारी के लिए इलाज के लिए सर्जरी हो सकती है।
2- ग्लूकोमा
आंखों की यह बीमारी आंखों के अंदरूनी हिस्से को परेशान करती है। बताया जाता है कि, यह बीमारी ऑप्टिक नर्व को नुकसान पहुंचाने का काम करता है। इस बीमारी में लक्षण नजर नहीं आते है। इस बीमारी में इलाज तुरंत मिलना जरूरी होता है नहीं तो अंधेपन के आप शिकार हो सकते है। नियमित आंखों की जांच इस बीमारी को पकड़ने में मदद करती है।
3-मैक्यूलर डिजनरेशन
आंखों की इस बीमारी के बारे में कम लोगों को जानकारी है। इस बीमारी में रेटिना के मध्य हिस्से (मैक्यूला) प्रभावित हो जाते है। कहा जाता है कि, इस बीमारी के होने पर पीड़ित को पढ़ने या चेहरा पहचानने में दिक्कत होती है. उम्र बढ़ने के साथ इसका खतरा बढ़ता है। यह रोशनी को प्रभावित करती है।
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4- डायबिटिक रेटिनोपैथी
आंखों की यह बीमारी अधिकतर डायबिटीज के मरीजों में देखने के लिए मिलती है। यह रेटिना को प्रभावित करती है और ब्लड शुगर कंट्रोल न होने पर रेटिना की रक्त वाहिकाएं खराब हो सकती हैं. शुरुआत में धुंधलापन या रात में कम दिखाई देना शुरू होता है. समय पर इलाज न हुआ तो अंधापन हो सकता है. डायबिटीज मरीजों को नियमित आंखों की जांच करानी चाहिए।
5-रेटिनल डिटैचमेंट
आंखों की इस बीमारी के मामले कम देखने के लिए मिलते है। इस बीमारी में रेटिना अपने स्थान से हट जाता है और अचानक चमक, धब्बे या पर्दा-सा दिखना शुरू हो सकता है। यह आंखों की आपातकालीन स्थिति होती है लेकिन इसे सर्जरी या तुरंत इलाज के सही किया जा सकता है।
