National Dengue Day 2025: लिवर और किडनी से लेकर शरीर के इन अंगों पर असर करता हैं जानलेवा डेंगू, जानिए बचाव के उपाय
डेंगू के बढ़ते मामलों और इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल भारत में 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है। एक छोटे से मच्छर से काटने वाली बीमारी किन अंगों को प्रभावित करती इसके लिए देखभाल करना जरूरी।
- Written By: दीपिका पाल
नेशनल डेंगू डे 2025 (सौ. सोशल मीडिया)
दुनियाभर में वैसे तो कई बड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ता जा रहा है लेकिन कई स्वास्थ्य समस्याओं के मामले कम होने की बजाय बढ़ रहे है। मच्छरों के काटने वाली बीमारियों में डेंगू, मलेरिया औऱ चिकनगुनिया जैसे नाम सामने आते है। इनमें सबसे खतरनाक डेंगू होता है जो इंसान को मौत का झटका देता है यानि कई मामलों में डेंगू के मरीजों की मौत हो जाती है। डेंगू के बढ़ते मामलों और इस बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल भारत में 16 मई को नेशनल डेंगू डे मनाया जाता है।
इस डेंगू डे के जरिए डेंगू के प्रति लोगों में जागरूकता पैदा करना और रोकथाम के उपायों को बढ़ावा दिया जाता है। एक छोटे से मच्छर से काटने वाली बीमारी किन अंगों को प्रभावित करती है और कैसे देखभाल करना जरूरी है चलिए जानते है…
पहले जानिए क्या हैं ये बीमारी डेंगू
इस प्रकार गंभीर डेंगू की बात की जाए तो, एक वायरल संक्रमण है जो एडीज मच्छर के काटने से फैलता है। डेंगू वायरस शरीर के कई महत्वपूर्ण अंगों को प्रभावित करता है, जिससे जटिलताएं बढ़ सकती हैं। डेंगू के 60-70% मरीजों में प्लेटलेट्स 50,000/μL से कम देखी जाती है। गंभीर मामलों में प्लेटलेट्स 10,000/μL से भी नीचे जा सकती है। इसके अलावा डेंगू के मामले जून से लेकर अक्टूबर तक ज्यादा बढ़ते हैं। बारिश की वजह से मच्छरो की तादाद बढ़ती है जो सेहत के लिए खतरा होता है।
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स्वास्थ्य विभाग मनाता है डेंगू दिवस
आपको बताते चलें कि, डेंगू दिवस को मनाने का उद्देश्य डेंगू जैसी खतरनाक बीमारी के खतरे को रोकने के लिए होता है। इस दिवस को हर साल स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा मनाया जाता है। हर साल थीम होती है लेकिन इस साल की थीम की जानकारी अब तक सामने नहीं आई है।
डेंगू बीमारी से बचने के उपाय (सौ. सोशल मीडिया)
शरीर के इन अंगों पर पड़ता है डेंगू का खतरा
आपको बताते चलें कि, डेंगू बीमारी का खतरा शरीर के कई अंगों को प्रभावित करता है जिसकी जानकारी अक्सर किसी को नहीं होती है।
1- दिमाग का असर
डेंगू बीमारी का खतरा इतना गंभीर होता हैं कि, यह दिमाग पर असर करता है। इसके अलावा कई प्रकार की न्यूरोलॉजिकल समस्याओं का भी जोखिम हो सकता है। इसका कारण स्पष्ट करते हुए स्वास्थ्य विभाग ने बताया है कि, डेंगू वायरस में न्यूरोट्रॉपिक प्रकृति होती है जो मस्तिष्क के तंत्रिका कोशिकाओं को संक्रमित कर बुरा प्रभाव डालता है। इसके अलावा इंसेफेलाइटिस (मस्तिष्क ज्वर) जैसे रोगों का भी खतरा बढ़ जाता है।
2- लिवर और किडनी पर डालता है असर
इसके अलावा डेंगू बीमारी का असर शरीर के अंगों में से एक लिवर और किडनी को भी प्रभावित करता है। डेंगू का प्रभाव इतना बुरा होता हैं कि, लिवर कोशिकाएं सूज जाती हैं और इसकी कार्यक्षमता घट जाती है। डेंगू के 75% मामलों में लिवर एंजाइम्स असामान्य हो जाते हैं, जिसके कारण कई तरह की दिक्कतें हो सकती हैं। डेंगू का खतरा किडनी की क्रिया को भी प्रभावित करती है डेंगू के कारण पेशाब में कमी, यूरिया और क्रिएटिनिन स्तर में वृद्धि का भी कारण होता है। वहीं पर किडनी इंजरी भी हो जाती है।
3- डेंगू की बीमारी अंगों पर बुरा प्रभाव डालने के साथ ही पल्मोनरी एडिमा की समस्या के लिए ही जिम्मेदार होती है ऐसी स्थिति में (फेफड़ों में तरल जमा होना) को जोखिम रहता है। जिसके कारण सांस लेने में तकलीफ हो सकती है। इसके अलावा डेंगू हेमोरेजिक फीवर में फेफड़ों में तरल भरने से ऑक्सीजन स्तर तेजी से गिर सकता है। डेंगू की वजह से कई मामलों में दिल के दौरे पड़ने की समस्या हो जाती है।
जानिए कैसे करें डेंगू से बचाव
आपको बताते चलें कि, डेंगू की समस्या से बचाव करने के लिए आपको इन तरीकों को अपनाना चाहिए…
1- घर में मच्छरों के प्रवेश को रोकने के लिए खिड़की और दरवाजे पर जाली लगाएं।
2-मच्छर भगाने वाली क्रीम या स्प्रे का इस्तेमाल घर से बाहर निकलते समय जरूर करें।
3-इसके अलावा मच्छरों से बचने के लिए सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें।
4-सुबह और शाम के समय घर से बाहर निकलते समय आप फुल स्लीव्स में जा सकते है।
