(सौजन्य सोशल मीडिया)
बोस्टन : अगर आप जीवन में छोटी-छोटी चीजों को लिये आभार जताना नहीं जानते तो आज से ही ऐसा करना अपनी आदत में शुमार कर लीजिये। ताजा शोध में ये खुलासा हुआ है कि छोटी-छोटी बातों के लिये भी शुक्रगुजार होना न केवल इंसान को आंतरिक खुशी देता है बल्कि इससे उसकी उम्र भी बढ़ती है। ऐसा करने से व्यक्ति अवसाद से भी दूर रहता है और वह ज्यादा सेहतमंद जीवन जीता है।
शोधकर्ताओं ने अपने एक हालिया शोध में बताया है कि आभारी या कृतज्ञ होना इंसान को सशक्त बनाता है। ऐसी आदत से अवसाद व्यक्ति के पास भी नहीं फटकता लिहाजा इंसान खुश रहता है और इससे उम्र बढ़ती है। शोधकर्ताओं का कहना है यह इतना आसान है कि इसे हर कोई अपनी आदतों में शुमार कर सकता है।
बोस्टन के हार्वर्ड टी.एच. चान स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ के प्रोफेसर फ्रांसिस लेहमैन लोएब ने अपने शोध में यह खुलासा किया है। शोध में पता चला है कि जो लोग अपने जीवन में छोटी-छोटी चीजों पर खुश हो जाते हैं और इसके लिये कृतज्ञता जाहिर करते हैं उनकी जिंदगी ऐसा न करने वालों की तुलना में लंबी होती है। अमेरिका की 50,000 महिलाओं को इस शोध में शामिल किया गया।
पेशे से नर्स इन महिलाओं की औसत उम्र 79 वर्ष थी। शोधकर्ताओं ने शोध के दौरान इन महिलाओं से आभार और कृतज्ञता से जुड़े कई सवाल पूछे। जवाब किए गए थे। उनसे पूछा गया कि वे इस तरह के वाक्यों पर कितना अधिक सहमत हैं कि उनकी जिंदगी में बहुत कुछ है जिसके लिए वे आभारी हैं। शोध में इन सवालों पर आये महिलाओं के जवाबों को देखा गया और इन आंकड़ों की समीक्षा की गई। इस अध्ययन के अनुसार जो महिलायें सर्वाधिक कृतज्ञता की भावना से भरी हुई थीं उनमें मौत का जोखिम नौ फीसदी तक कम था। उनमें दिल की बीमारी, कैंसर, दिमाग या नस की बीमारी आदि के जोखिम कम थे।
तीन साल तक चले इस शोध में शामिल 4,608 महिलाओं की शोध के दौरान मौत हो गई। शोध में पाया गया कि मरने वालों में 2,153 वैसी महिलाएं थीं जो काफी कम आभार व्यक्त करती थीं। 1,273 महिलाएं ऐसी थीं जिनमें आभार जताने का स्वभाव न कम था और न ही ज्यादा। 1,182 ऐसी महिलाएं थीं जो छोटी से छोटी बात के लिए भी आभार व्यक्त किया करतीं थीं। अध्ययन के नतीजे में यह देखा गया कि जिन महिलाओं में शुक्रगुजार होने की भावना कम थी उनकी तुलना में इस भावना से भरी महिलाओं में मौत का जोखिम 9 फीसदी तक कम हो गया।
ईस्टर्न वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर डॉक्टर फिलिप वाटकिन्स के मुताबिक नकारात्मकता की तुलना में सकारात्मक भावनाओं का सेहत पर अच्छा असर होता है। छोटी-छोटी बातों पर भी शुक्रगुजार होना आपको आशावादी बनाता है और यह आपके सकारात्मक होने का लक्षण भी है। ऐसा होने से व्यक्ति आंतरिक रूप से खुशी अनुभव करता है जिससे वह बीमारियों से भी दूर रहता है। वाटकिन्स ने कहा कि शोध से पता चलता है कि हमारे आसपास नकारात्मक चीजों से अधिक सकारात्मक चीजें होती हैं, लेकिन हम नकारात्मकता को अधिक महत्व दे देते हैं।