Haryana Farmer Protest 2026: हरियाणा सरकार के खिलाफ सड़कों पर किसान, कई जगहों पर किए घेराव

Haryana Farmer Protest 2026: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को परेशान करना नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करना है। उन्होनें विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
Haryana Farmer Protest 2026
हरियाणा किसान प्रदर्शन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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Haryana Farmer Protest 2026: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार द्वारा रबी फसल की खरीद के लिए बनाए गए नियमों के विरोध में किसान सड़कों पर उतर आए हैं। शनिवार को राज्य में कई जगहों पर किसानों ने जोरदार प्रदर्शन किया। विरोध प्रदर्शन में किसानों का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा ने किया। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने हाईवे को जाम करके कुछ टोल प्लाजा पर धरना दिया।

इसके साथ ही दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक अनाज मंडियों और मुख्य रास्तों का भी घेराव किया। इससे प्रदेश में कई जगहों पर यातायात बाधित रहा। प्रदर्शन कर रहे किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों को नहीं माना गया तो और बड़े पैमाने पर आंदोलन किया जाएगा।

विपक्ष कर रहा किसानों को गुमराह

रबी फसल की खरीद के लिए बनाए गए नियमों का बचाव करते हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार का उद्देश्य किसानों को परेशान करना नहीं, बल्कि जवाबदेही तय करना है। इस दौरान उन्होनें विपक्ष पर किसानों को गुमराह करने का आरोप भी लगाया।

ओटीपी आधारित सिस्टम को बताया गलत

प्रदर्शन में किसानों ने राज्य सरकार द्वारा लाया गया ओटीपी आधारित सिस्टम और अन्य शर्तों गलत बताया। इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने हांसी के टोल प्लाजा पर किसानों का करीब 1 घंटे तक कब्जा रहा। इस बीच पुलिस और किसानों के बीच तीखी बहस भी हुई। हरियाणा के हिसार में किसानों ने राष्ट्रीय राजमार्ग को भी जाम कर दिया। करनाल, सोनीपत, फतेहाबाद, रोहतक, भिवानी, पानीपत, कैथल, यमुनानगर और पंचकूला में भी प्रदर्शन हुए।

संयुक्त किसान मोर्चा ने किया किसानों का नेतृत्व

प्रदर्शन में किसानों का नेतृत्व संयुक्त किसान मोर्चा ने किया। ऑल इंडिया किसान सभा के प्रदेश महासचिव सुमित दलाल ने कहा कि सरकार द्वारा लाए गए गेहूं खरीद के नए नियम किसान विरोधी हैं। इसके विरोध में किसान सड़कों पर उतरे। उन्होंने बताया कि इस दौरान करीब चार घंटे तक सड़कों को जाम किया गया लेकिन आपातकालीन सेवाओं को बाधित नहीं किया गया।

सरकार द्वारा नए नियम के तहत मंडी में आने से पहले स्लॉट बुकिंग जरूरी, पहचान और रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, वाहन नंबर पहले देना, फसल की गुणवत्ता पर सख्ती और भुगतान सीधे बैंक खाते में जैसी प्रक्रिया शामिल है। किसान सरकार के इस नियम का विरोध कर रहे हैं।

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