दिल्ली के पास भूकंप से दहला इलाका, घरों से बाहर निकले लोग, महज 5 किमी नीचे था केंद्र
Earthquake in Rewari: नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का केंद्र रेवाड़ी में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 दर्ज की गई।
- Written By: अर्पित शुक्ला
भूकंप (इमेज-सांकेतिक/ सोशल मीडिया)
Delhi Earthquake: इस वक्त की बड़ी खबर राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों से सामने आई है। सोमवार सुबह हरियाणा के रेवाड़ी में भूकंप के हल्के झटके महसूस किए गए। भूकंप सुबह करीब 7 बजकर 1 मिनट पर आया। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार भूकंप का केंद्र रेवाड़ी में जमीन से लगभग 5 किलोमीटर की गहराई में था। रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 2.8 दर्ज की गई। हल्की तीव्रता होने के कारण किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है, लेकिन झटकों से लोग कुछ देर के लिए सतर्क हो गए।
क्यों आते हैं भूकंप?
पिछले कुछ समय में देश और दुनिया के कई हिस्सों में भूकंप की घटनाएं देखने को मिली हैं। दरअसल पृथ्वी के भीतर सात बड़ी टेक्टोनिक प्लेट्स होती हैं, जो लगातार अपनी जगह पर खिसकती रहती हैं। कई बार इन प्लेट्स के बीच टकराव या घर्षण होता है, जिससे धरती के भीतर ऊर्जा निकलती है और भूकंप आता है। भूकंप के कारण कई बार इमारतें गिर जाती हैं और बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हो सकता है।
भारत में भूकंप के जोन
भूगर्भ वैज्ञानिकों के अनुसार भारत के लगभग 59 प्रतिशत हिस्से को भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। देश को भूकंपीय जोखिम के आधार पर चार जोन—जोन-2, जोन-3, जोन-4 और जोन-5 में बांटा गया है। इनमें जोन-5 सबसे ज्यादा संवेदनशील होता है, जबकि जोन-2 अपेक्षाकृत कम संवेदनशील माना जाता है। भारत की राजधानी दिल्ली जोन-4 में आती है, जिसे उच्च जोखिम वाला क्षेत्र माना जाता है। यहां 7 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप आने की संभावना भी जताई जाती है। भारत में हिमालय क्षेत्र, कच्छ और पूर्वोत्तर भारत जैसे इलाके भूकंप के लिहाज से अधिक सक्रिय माने जाते हैं, क्योंकि भारतीय प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है।
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रिक्टर स्केल पर भूकंप की तीव्रता का असर
भूकंप की तीव्रता को रिक्टर स्केल पर मापा जाता है। 4 से 4.9 तीव्रता के भूकंप में घरों का हल्का सामान हिल सकता है या गिर सकता है। 5 से 5.9 तीव्रता में भारी फर्नीचर भी हिलने लगता है। 6 से 6.9 की तीव्रता में इमारतों की नींव को नुकसान पहुंच सकता है। 7 से 7.9 की तीव्रता के भूकंप में इमारतें गिरने लगती हैं। वहीं 8 से 8.9 की तीव्रता में भारी तबाही और सुनामी का खतरा भी पैदा हो सकता है, जबकि 9 या उससे अधिक तीव्रता के भूकंप को बेहद विनाशकारी माना जाता है।
