दुष्यंत चौटाला (सोर्स- सोशल मीडिया)
Dushyant Chautala Birthday Special: दुष्यंत चौटाला का नाम आज हरियाणा ही नहीं, राष्ट्रीय राजनीति में भी एक मजबूत युवा नेता के रूप में लिया जाता है। 3 अप्रैल को उनका जन्मदिन है, और इस मौके पर उनके राजनीतिक सफर, उपलब्धियों और दिलचस्प किस्सों को जानना बेहद खास हो जाता है। दुष्यंत चौटाला ने 2014 में महज 26 साल की उम्र में लोकसभा चुनाव जीतकर इतिहास रच दिया। वे देश के सबसे कम उम्र के सांसद बने।
उन्होंने हरियाणा के राजनीतिक रूप से मजबूत माने जाने वाले हिसार क्षेत्र में लगभग 4 लाख 95 हजार वोट हासिल कर जीत दर्ज की। यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि हिसार लंबे समय तक चौधरी भजनलाल का गढ़ माना जाता रहा है।
सांसद बनने के बाद दुष्यंत चौटाला ने अपनी सक्रियता से अलग पहचान बनाई। हरियाणा के इतिहास में उन्होंने संसद में सबसे ज्यादा सवाल पूछने और चर्चाओं में भाग लेने का रिकॉर्ड बनाया। उनकी इस कार्यशैली ने उन्हें एक गंभीर और मुद्दों पर बोलने वाले नेता के रूप में स्थापित किया।
राजनीति के साथ-साथ उन्होंने शिक्षा को भी महत्व दिया। सांसद बनने के बाद उन्होंने एलएलएम और मास कम्युनिकेशन की डिग्रियां हासिल कीं। इसके अलावा, हिसार लोकसभा क्षेत्र में उन्होंने एमपीलैड फंड का 100% से ज्यादा उपयोग किया और कई विकास कार्य कराए। उन्होंने देश का जिलास्तर का पहला पासपोर्ट सेवा केंद्र हिसार में खुलवाया, जिससे स्थानीय लोगों को बड़ी राहत मिली।
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दुष्यंत चौटाला के जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो उन्हें खास बनाते हैं। ट्रैक्टर को कमर्शियल वाहन घोषित करने के फैसले के विरोध में वे ट्रैक्टर लेकर संसद पहुंच गए थे और सरकार को अपना फैसला वापस लेने पर मजबूर कर दिया। इसके अलावा, इनेलो से निष्कासित होने के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और अपनी नई पार्टी जननायक जनता पार्टी का गठन किया, जो आज हरियाणा की राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।