हरियाणा-पंजाब में चल रही पानी की जंग में कांग्रेस की एंट्री, AAP और BJP दोनों पर बरसे भूपेंद्र हुड्डा
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा का पानी कम करना ‘‘न केवल असंवैधानिक है, बल्कि अनैतिक और अमानवीय भी है। भाजपा सरकार हरियाणा के हितों की रक्षा करने में असमर्थ नजर आ रही।
- Written By: Saurabh Pal
भूपेंद्र सिंह हुड्डा (फोटो-सोशल मीडिया)
चंडीगढ़ः हरियाणा और पंजाब में चल रहे जल विवाद में अब कांग्रेस की एंट्री हो गई है। कांग्रेस ने भी आप सरकार को आड़े हाथों लिया है। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने शुक्रवार को कहा कि पंजाब सरकार द्वारा हरियाणा का पानी कम करना ‘‘न केवल असंवैधानिक है, बल्कि अनैतिक और अमानवीय भी है। हुड्डा ने हरियाणा की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर राज्य के हितों की रक्षा करने में विफल रहने का आरोप भी लगाया।
हुड्डा ने कहा कि पंजाब सरकार को हरियाणा का पानी रोकने का कोई अधिकार नहीं है। ऐसा करना देश के संघीय ढांचे पर हमला है। हरियाणा भीख नहीं मांग रहा है। यह राज्य का हिस्सा है, जिसकी मात्रा दोनों राज्यों के बीच हुए उचित समझौते के तहत तय की गई थी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकार को जल बंटवारे के मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक के बाद विधानसभा का विशेष सत्र बुलाना चाहिए तथा हरियाणा को जल संकट से बचाने के लिए पंजाब पर दबाव डालना चाहिए। हुड्डा ने राज्य सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘हरियाणा की भाजपा सरकार अब तक राज्य के हिस्से का पानी लेने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। सरकार की अक्षमता के कारण लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है।
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हरियाणा के पूर्व सीएम ने कहा कि मौजूदा संकट के लिए भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में राज्य के प्रतिनिधियों की नियुक्ति करने में हरियाणा सरकार की विफलता को जिम्मेदार ठहराया। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस की बार-बार चेतावनी के बावजूद राज्य सरकार ने जल बंटवारे के मुद्दे पर कभी ध्यान नहीं दिया।
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कांग्रेस ने विधानसभा में भी यह मुद्दा उठाया था, लेकिन भाजपा सरकार सोई हुई थी। आज बीबीएमबी में सभी बड़े पदों पर पंजाब के अधिकारी नियुक्त हैं और हरियाणा की पैरवी करने वाला कोई नहीं है। इसका खामियाजा राज्य को भुगतना पड़ रहा है। हुड्डा ने कहा कि पहले हरियाणा को पानी का पूरा हिस्सा मिलता था, क्योंकि कांग्रेस सरकार भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड में राज्य की पूरी भागीदारी सुनिश्चित करती थी।
