पीएम मोदी
PM Modi Somnath Visit: गुजरात के पावन सोमनाथ धाम में आस्था, राष्ट्रगौरव और सांस्कृतिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के अवसर पर सोमनाथ मंदिर परिसर से देश को संबोधित किया।
अपने संबोधन की शुरुआत में प्रधानमंत्री मोदी ने ‘जय सोमनाथ’ के जयघोष के साथ मंदिर परिसर को गूंजायमान कर दिया, जिससे श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह की लहर दौड़ गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत के करोड़ों-करोड़ नागरिकों की शाश्वत आस्था, साधना और अटूट संकल्प का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि यह पर्व सिर्फ एक आयोजन नहीं है, बल्कि भारत की सनातन चेतना, सांस्कृतिक विरासत और आत्मसम्मान का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि औरंगजेब ने सोमनाथ मंदिर को मस्जिद बनाने की कोशिश की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने रविवार सुबह गिर सोमनाथ में आयोजित शौर्य यात्रा में भाग लिया, इसके बाद सोमनाथ मंदिर में पूजा अर्चना की। शौर्य यात्रा के दौरान पीएम मोदी भगवान शिव का डमरू लिए हुए दिखाई दिए, और इस यात्रा में उनका नेतृत्व स्वाभिमान, शौर्य और सांस्कृतिक विरासत का संदेश दे रहा था। पीएम मोदी ने सोमनाथ मंदिर की महत्वता को समझाते हुए कहा कि यह मंदिर शाश्वत दिव्यता का प्रतीक है, जो पीढ़ियों से लोगों को मार्गदर्शन देता आ रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (Twitter) पर भी यह लिखा: “सोमनाथ शाश्वत दिव्यता का प्रतीक है, और इसकी पवित्र उपस्थिति पीढ़ियों से लोगों का मार्गदर्शन करती आ रही है।”
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व सिर्फ एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर को सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे दुनिया भर में भारतीय संस्कृति का संदेश फैलेगा।
#WATCH | सोमनाथ, गुजरात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मज़हबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम… pic.twitter.com/LUkNCBDd6J — ANI_HindiNews (@AHindinews) January 11, 2026
एम मोदी ने भावुक शब्दों में कहा कि पवित्र श्री सोमनाथ मंदिर में इस महापर्व का सहभागी बनना उनके जीवन का अविस्मरणीय और अमूल्य क्षण है। उन्होंने कहा कि यहां का वातावरण, उत्सव की भव्यता और दिव्यता मन को गहरे तक स्पर्श करती है। उन्होंने कहा, ‘यह वातावरण, यह उत्सव अद्भुत है। यह एक दिव्य और भव्य अवसर है। इस आयोजन में गर्व है, गरिमा है और गौरव है।’
पीएम मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में उपस्थित होना उनके लिए सौभाग्य का विषय है। उन्होंने यह भी कहा कि सोमनाथ केवल एक तीर्थ नहीं, बल्कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा, उसकी अखंडता और उसके आत्मविश्वास का प्रतीक है, जिसने हर चुनौती के बावजूद अपने अस्तित्व और गौरव को बनाए रखा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “सोमनाथ का इतिहास विनाश और पराजय का इतिहास नहीं है, यह विजय और पुनर्निमाण का है। हमारे पूर्वजों के पराक्रम का है, हमारे पूर्वजों के त्याग और बलिदान का है। आक्रांता आते रहे लेकिन हर युग में सोमनाथ पुन: स्थापित होता रहा, इतनी सदियों का संघर्ष, इतना महान धैर्य, सृजन और पुनर्निमाण का यह जीवट, दुनिया के इतिहास में ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है।”
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “जब महमूद गजनी से लेकर औरंगजेब तक तमाम आक्रांता सोमनाथ पर हमला कर रहे थे तो उन्हें लग रहा था कि उनकी तलवार सनातन सोमनाथ को जीत रही है, वे मज़हबी कट्टरपंथी यह नहीं समझ पाए कि जिस सोमनाथ को वे नष्ट करना चाहते हैं उसके नाम में ही ‘सोम’ अर्थात ‘अमृत’ जड़ा हुआ है। उसके ऊपर सदाशिव महादेव के रूप में वह चैतन्य शक्ति प्रतिष्ठित है जो कल्याणकारी भी है और शक्ति का स्रोत भी है।”