गुजरात में आज से देश की पहली डिजिटल जनगणना का आगाज; घर-घर पहुंचेंगे कर्मचारी, पूछे जाएंगे ये सवाल
Digital Census Gujarat: गुजरात में 1 जून से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है। इसे अधिकारी देश का पहला पूरी तरह डिजिटल जनगणना अभ्यास बता रहे हैं।
- Written By: वंदना शर्मा
सांकेतिक फोटो सोर्स AI
Gujarat Census 2027: गुजरात में 1 जून से जनगणना के पहले चरण की शुरुआत होने जा रही है। इसके शुरू होने से पहले ही राज्य में 3.74 लाख से ज्यादा लोगों ने खुद से अपनी जानकारी भरकर स्व-गणना पूरी कर ली है। यह कदम इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि इसे अधिकारी देश का पहला पूरी तरह डिजिटल जनगणना अभ्यास बता रहे हैं।
यह जनगणना देश के इतिहास में 16वीं और आज़ादी के बाद 8वीं जनगणना होगी, जिसे गुजरात समेत पूरे भारत में दो चरणों में पूरा किया जाएगा। इससे पहले आखिरी बार जनगणना 2011 में की गई थी। इस प्रक्रिया के प्रारंभ की घोषणा करते हुए जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा ने सभी नागरिकों से राष्ट्रव्यापी गणना कार्यक्रम में भाग लेने का आग्रह किया।
1 जून से शुरू होगा हाउस लिस्टिंग चरण, पूछे जाएंगे 33 सवाल
जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा के अनुसार, राज्य में 1 जून से 30 जून तक मकानों की सूची तैयार करने और आवास से जुड़ी जनगणना का काम किया जाएगा। इस दौरान गणनाकर्मी घर-घर जाकर जानकारी इकट्ठा करेंगे, जिसमें घर की स्थिति, परिवार की संरचना, पेयजल की उपलब्धता, शौचालय जैसी सुविधाएं और अन्य बुनियादी संपत्तियों से जुड़े कुल 33 सवाल शामिल होंगे।
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जनगणना का यह पहला चरण “हाउस लिस्टिंग एंड हाउसिंग सेंसस (HLO)” कहलाता है, जिसमें मुख्य रूप से लोगों के रहने की स्थिति और मूलभूत सुविधाओं का विस्तृत डेटा एकत्र किया जाएगा।
2027 में दूसरा चरण: जनसंख्या और जाति गणना
यह सर्वेक्षण गुजरात के सभी जिलों, नगर निगमों, नगरपालिकाओं और गांवों में किया जाएगा। इसके बाद जनगणना का दूसरा चरण 9 फरवरी से 28 फरवरी 2027 के बीच आयोजित होगा, जिसमें जनसंख्या गणना के साथ-साथ जाति से जुड़े आंकड़े भी एकत्र किए जाएंगे। जनगणना अधिकारियों के अनुसार, इस चरण में पूरे देश में जनसंख्या के साथ जातिगत जानकारी भी जुटाई जाएगी। जनगणना निदेशक सुजल मायात्रा ने बताया कि इसी दौरान जाति जनगणना का कार्य भी पूरा किया जाएगा।
गुजरात में स्व-गणना अभियान को मिला अच्छा रिस्पॉन्स
अधिकारियों के अनुसार, 17 मई से शुरू हुए स्व-गणना अभियान में राज्यपाल आचार्य देवव्रत, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, मंत्रिमंडल के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी और कई नागरिकों ने ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज की। 30 मई तक जनगणना 2027 के तहत 3.74 लाख से अधिक लोगों ने स्व-गणना फॉर्म भरे। इनमें से करीब 33 लाख आवेदन सफलतापूर्वक जमा हुए, जबकि लगभग 44 हजार फॉर्म अभी भी प्रक्रिया में हैं।
गुजरात जनगणना: टेक्नोलॉजी का होगा इस्तेमाल
गुजरात में जनगणना अभियान के तहत कुल 1,10,598 हाउस लिस्टिंग ब्लॉक शामिल होंगे, जिसे 1,09,038 गणनाकर्ता और 18,254 पर्यवेक्षकों की मदद से पूरा किया जाएगा। इस प्रक्रिया को सुचारू बनाने के लिए सभी जनगणना कर्मियों और अधिकारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस बार की जनगणना में आधुनिक तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
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ऑफलाइन डेटा और स्व-गणना सुविधा शुरू
गुजराती समेत 16 भाषाओं में एंड्रॉइड और आईओएस के लिए विशेष एप्लिकेशन तैयार किए गए हैं। इन ऐप्स में ऑफलाइन डेटा संग्रह की सुविधा भी दी गई है, ताकि कम इंटरनेट वाले क्षेत्रों में भी आसानी से जानकारी दर्ज की जा सके।इसके साथ ही नागरिकों के लिए एक स्व-गणना (Self-Enumeration) विकल्प भी शुरू किया गया है, जिसके जरिए लोग आधिकारिक पोर्टल पर सीधे अपनी जानकारी ऑनलाइन जमा कर सकते हैं।
जनगणना डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय: अधिकारी
जनगणना अधिकारियों ने इस बात पसर जोर दिया है कि 1948 जनगणना अधिनियम और 1990 जनगणना नियम के अंतर्गत एकत्र की गई और साथ ही सभी जानकारियों को भी गोपनीय रखा जाएगा।
