अरविंद केजरीवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)
Arvind Kejriwal Gujarat Rally: आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को गुजरात के लोगों से भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस दोनों को नकारने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि राज्य को सिर्फ एक पार्टी को दूसरी से बदलने की नहीं, बल्कि पूरी राजनीतिक व्यवस्था में बदलाव की जरूरत है।
‘परिवर्तन लाओ, किसान बचाओ यात्रा’ के तहत गांधीनगर में एक रैली को संबोधित करते हुए केजरीवाल ने कहा कि गुजरात की जनता को एक ऐसी ‘जनता की सरकार’ बनानी चाहिए जो स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सके।
रैली को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने ना केवल भाजपा और कांग्रेस पर निशाना साधा बल्कि उन्होंने यह भी कहा कि इस बार गुजरात में जनता की सरकार बनेगी और वह अपने फैसले खुद लेगी। हमें सिर्फ सत्ताधारी पार्टी को नहीं बदलना है, बल्कि गुजरात की प्रगति के लिए पूरी व्यवस्था को बदलना होगा।
साथ ही केजरीवाल ने बताया कि यशू भाई, प्रवीण राम और मनोज सोरथिया समेत आम आदमी पार्टी के नेताओं ने सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद पिछले 10 से 12 दिनों में गांवों और मोहल्लों का दौरा किया और किसानों से बातचीत की, जिसके बाद वे रैली के लिए गांधीनगर पहुंचे।
आम आदमी पार्टी के संयोजक के अनुसार, इस दौरे से किसानों की व्यापक परेशानी का पता चला। उन्होंने आरोप लगाया कि हम जहां भी गए, हमने पाया कि गुजरात के किसान नाखुश और परेशान हैं। कुछ जगहों पर पीने का पानी नहीं है, तो कुछ जगहों पर सिंचाई का पानी नहीं है। हर चीज की कीमतें बढ़ गई हैं और किसानों को अपनी फसलों का पूरा दाम नहीं मिल रहा है।
अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि गुजरात में भाजपा के 30 साल के शासन के बावजूद किसानों, युवाओं और व्यापारियों को फायदा नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा और कांग्रेस के नेता ही तरक्की कर रहे हैं। केजरीवाल ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी आम परिवारों के लोगों को राजनीति में अवसर देगी।
यह भी पढ़ें: अब आसमान से ‘मौत’ की बारिश करेगा ईरान, मिसाइल-ड्रोन के बाद मंडराया एसिड रेन का खतरा, क्यों खौफ खा रहा दुश्मन?
अरविंद केजरीवाल के बयान और रैलियां कहीं ना कहीं इस बात का संदेश है कि वह राजनीति में गुजरात के जरिए कमबैक करना चाहते हैं। कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आप की तीन प्राथमिकताएं हैं। पहला पंजाब में सरकार बनाए रखना, दूसरा गोवा को जीतना और गुजरात के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में आम आदमी पार्टी के वजूद को मजबूत करना।