
सीएम प्रमोद सावंत मंत्रियों से बात करते। इमेज-सोशल मीडिया
Goa News: गोवा नए साल के जश्न में डूबा है। समुद्री तट, म्यूजिक, लाइटिंग, पार्टियां से भरा माहौल जश्न को और खुशनुमा बनाता है। इस बीच गोवा में बड़े बदलाव हो रहे हैं। दरअसल, प्रदेश का नक्शा बदलने वाला है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने गोवा में एक और जिला बनाए जाने का ऐलान कर दिया है। फिलहाल दो जिले हैं। उनकी संख्या बढ़ाकर तीन की जाएगी। मुख्यमंत्री ने गोवा में प्रस्तावित नए जिले का नामकरण भी किया। उन्होंने इसका नाम दक्षिणी गोवा में बहने वाली एक नदी के नाम पर रखने की बात कही।
प्रमोद सावंत ने कहा कि राज्य में प्रस्तावित तीसरे जिले का नाम कुशावती रखा जाएगा, जो इस क्षेत्र से बहने वाली नदी के नाम पर है। उन्होंने कहा कि यह देश के लिए महत्वाकांक्षी जिला बनेगा। बता दें, वर्तमान में गोवा में उत्तरी गोवा और दक्षिणी गोवा दो जिले हैं। जल्द कुशावती नामक तीसरा जिला सक्रिय होगा।
मुख्यमंत्री के मुताबिक नए जिले में 4 तालुका-धारबंदोरा, क्वेपेम, सांगुएम और कनाकोना शामिल होंगे, जो वर्तमान में दक्षिण गोवा का हिस्सा हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि नए जिले के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा उपलब्ध होने तक नए जिले के सभी प्रशासनिक काम दक्षिण गोवा जिले से संचालित होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब तक नए जिले में पूर्णकालिक जिलाधिकारी की नियुक्ति नहीं होती, तब तक दक्षिण गोवा जिले के जिलाधिकारी यह जिम्मेदारी संभालेंगे।
प्रमोद सावंत का कहना है कि क्वेपेम शहर नए जिले का मुख्यालय होगा। इसे कैनकोना और धारबंदोरा जैसे क्षेत्रों से बस सेवा के माध्यम से जोड़ा जाएगा, जिससे लोगों को असुविधा न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के आकांक्षी जिलों को केंद्र सरकार से 15 करोड़ की अतिरिक्त राशि मिलती है, इसलिए 27 प्रतिशत आदिवासी आबादी वाले इस नए जिले के बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए भी केंद्र सरकार से विशेष राशि का अनुरोध किया जाएगा।
Goa gets its Third District: Kushavati The creation of Kushavati, Goa’s third district is a historic step towards stronger governance and balanced regional development. pic.twitter.com/kCXeQCU9N0 — Dr. Pramod Sawant (@DrPramodPSawant) December 31, 2025
कुशावती यह नाम गोवा के लोगों को काफी प्रिय है। दरअसल, यह गोवा की एक प्राचीन नदी है, जो राज्य की ऐतिहासिक पहचान का प्रतीक रही है। चालुक्य काल के दौरान गोवा एक विकसित और सांस्कृतिक रूप से समृद्ध रहा है। कुशावती नदी के किनारे मौजूद पेट्रोग्लिफ्स (प्राचीन छवियां) के रूप में दिखाई दे रही कलाकृत्तियां उसी दौर की गवाही देती हैं। यह गोवा में मानव सभ्यता के सबसे शुरुआती प्रमाणों में से एक हैं, जो हजारों साल पुरानी हैं और दुनिया भर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र है।
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अंग्रेजी न्यूज वेबसाइट इंडियन एक्सप्रेस ने इतिहासकार प्राजल साखरदांडे के हवाले से अपनी एक रिपोर्ट में बताया है कि कुशावती एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक नदी है। इसके किनारों पर संस्कृति और सभ्यता को फली-फूली है। गोवा की प्राचीन राजधानी चंद्रपुर या चंदोर कुशावती नदी के तट पर स्थित है, जहां दक्षिण कोंकण शिलाहार और कदंबा राजवंशों ने शासन चौथी शताब्दी से 14वीं शताब्दी के मध्य तक भोज किया। कुशावती नदी ने अपने प्रवाह के साथ युद्ध, संस्कृतियों, सभ्यताओं और प्राकृतिक विरासत को फलते-फूलते देखा है।






