Bollywood Blind Roles: हर साल 4 जनवरी को विश्वभर में विश्व ब्रेल दिवस (World Braille Day) मनाया जाता है। यह दिन ब्रेल लिपि के आविष्कारक लुई ब्रेल को श्रद्धांजलि देने का अवसर है, जिन्होंने दृष्टिहीनों के लिए स्पर्श के माध्यम से पढ़ने-लिखने का क्रांतिकारी माध्यम दिया। बॉलीवुड में ऐसे कई किरदार हुए हैं जिन्होंने दृष्टिबाधित लोगों के संघर्ष, प्रतिभा और भावनाओं को बड़े पर्दे पर उतारा है। इन चुनौतीपूर्ण रोल को जीवंत बनाने के लिए कई एक्टर्स ने ब्रेल लिपि सीखी और दृष्टिहीनों की दुनिया को गहराई से समझा।
ब्रेल लिपि उभरे हुए बिंदुओं से बनी होती है, जिसे स्पर्श से पढ़ा जाता है। यह आज के हाईटेक समय में भी दृष्टिहीनों को स्वतंत्र रूप से ज्ञान प्राप्त करने और जीवन में आगे बढ़ने की क्षमता देती है। आइए जानते हैं उन भारतीय सितारों के बारे में जिन्होंने इन संवेदनशील किरदारों को निभाया:
बॉलीवुड में कुछ एक्टर्स ने अपने किरदारों को और वास्तविक बनाने के लिए ब्रेल लिपि सीखने तक की मेहनत की, जिससे उनका अभिनय और भी प्रामाणिक हो गया:
काजल अग्रवाल (‘दो लफ्जों की कहानी’, 2016):
इस फिल्म में काजल ने दृष्टिहीन जेनी का किरदार निभाया, जो रणदीप हुड्डा के साथ लीड रोल में थीं।
रोल की तैयारी के लिए काजल ने न सिर्फ ब्रेल लिपि सीखी, बल्कि दृष्टिहीन लड़की की जिंदगी को समझने के लिए स्पेशल वर्कशॉप भी की थी।
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निकिता दत्ता ने इस फिल्म में एक दृष्टिहीन लेखिका का रोल किया था।
उन्होंने अपने किरदार में ढलने और आंखों से दिखने वाले भावों के अलावा, स्पर्श की संवेदना को समझने के लिए ब्रेल लिपि का गहन अध्ययन किया था। उनकी परफॉर्मेंस दृष्टिबाधित लोगों की मजबूती और संघर्ष को सलाम करती है।
इन किरदारों ने न सिर्फ दर्शकों का दिल जीता, बल्कि दिव्यांगों के संघर्ष और उनकी अदम्य ताकत को भी उजागर किया:
नसीरुद्दीन शाह ने फिल्म में एक स्वाभिमानी और मजबूत दृष्टिहीन स्कूल प्रिंसिपल अनिरुद्ध का किरदार निभाया, जो अपनी कमजोरी को ताकत बनाता है।
यह फिल्म शबाना आज़मी के साथ उनकी केमिस्ट्री और अनिरुद्ध के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों को संवेदनशील तरीके से दिखाती है। नसीरुद्दीन की सूक्ष्म एक्टिंग ने उन्हें नेशनल अवॉर्ड दिलाया था।
संजय लीला भंसाली की इस क्लासिक फिल्म में रानी मुखर्जी ने मूकबधिर और दृष्टिहीन लड़की मिशेल का चुनौतीपूर्ण रोल किया था, जिन्हें अमिताभ बच्चन (उनके टीचर) ने जीवन जीना सिखाया।
रानी की परफॉर्मेंस शानदार थी, जिसने उन्हें साल के लगभग सभी बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड्स (फिल्मफेयर, आईफा, जी सिने) दिलाए।
काजोल ने इस फिल्म में कश्मीरी दृष्टिहीन लड़की जूनी का संवेदनशील किरदार निभाया, जिसके गाइड (आमिर खान) से उसे प्यार हो जाता है।
काजोल की एक्टिंग को दर्शकों ने खूब सराहा और उन्होंने इसके लिए फिल्मफेयर बेस्ट एक्ट्रेस अवॉर्ड भी जीता था।
दीपिका ने दृष्टिहीन स्केटर पिंकी पालकर का रोल किया, जो अपने सपनों को कभी हार नहीं मानती।
भले ही फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औसत रही, लेकिन दीपिका की परफॉर्मेंस की काफी तारीफ हुई थी।
ऋतिक और यामी ने दृष्टिबाधित कपल का रोल किया। ट्रेजेडी के बाद ऋतिक का बदला लेने का सफर दर्शकों को बहुत पसंद आया।
ऋतिक ने कमजोर प्रेमी से खतरनाक इंसान तक का सफर शानदार निभाया। दोनों ने इस रोल के लिए खास तैयारी की थी।
राजकुमार राव ने रियल लाइफ दृष्टिबाधित उद्यमी श्रीकांत बोला का किरदार निभाया, जो अपनी सफलता की कहानी से लाखों लोगों को प्रेरित करते हैं।
राजकुमार की एक्टिंग को आलोचकों और दर्शकों दोनों का खूब प्यार मिला।
ये फिल्में और किरदार न सिर्फ मनोरंजन करते हैं, बल्कि समाज को दृष्टिबाधित लोगों की अदम्य इच्छाशक्ति और उनकी प्रतिभा से भी परिचित कराते हैं।