

Vishal Bhardwaj Birthday Special Story: हिंदी सिनेमा के मशहूर निर्देशक, संगीतकार, लेखक और निर्माता विशाल भारद्वाज का जन्म 4 अगस्त 1965 को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में हुआ था। विशाल का शुरुआती सपना फिल्मों में आना नहीं, बल्कि क्रिकेटर बनना था। वह उत्तर प्रदेश की अंडर-19 टीम तक पहुंचे, लेकिन अंगूठे में गंभीर चोट लगने के बाद उनका क्रिकेट करियर खत्म हो गया। यही मोड़ उन्हें फिल्म और संगीत की दुनिया में ले आया।
विशाल भारद्वाज का बचपन साहित्य और संगीत के माहौल में बीता। उनके पिता राम भारद्वाज हिंदी फिल्मों के लिए गीत और कविताएं लिखते थे। महज 17 साल की उम्र में विशाल ने अपना पहला गीत लिखा, जिसे फिल्म यार कसम में जगह मिली। बाद में उन्होंने बतौर संगीतकार फिल्म अभय से करियर की शुरुआत की और माचिस, सत्या, गॉडमदर जैसी फिल्मों के संगीत से अपनी अलग पहचान बनाई। गॉडमदर के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भी मिला।
साल 2002 में बच्चों की फिल्म ‘मकड़ी’ से निर्देशन की शुरुआत करने वाले विशाल भारद्वाज को असली पहचान 2003 में रिलीज हुई ‘मकबूल’ से मिली। विलियम शेक्सपियर के मशहूर नाटक ‘मैकबेथ’ पर आधारित इस फिल्म को बनाने में आर्थिक चुनौतियां सामने आईं। एक इंटरव्यू में विशाल ने बताया था कि फिल्म की शूटिंग भोपाल की एक हवेली में करना बेहद जरूरी था, लेकिन निर्माता के पास पर्याप्त बजट नहीं था। ऐसे में उन्हें सुझाव दिया गया कि यदि वह अपनी 30 लाख रुपये की निर्देशक फीस छोड़ दें, तो उसी रकम से फिल्म की शूटिंग पूरी हो सकती है।
मकबूल की सफलता के बाद विशाल भारद्वाज ने ओमकारा, हैदर, कमीने, 7 खून माफ, रंगून और खुफिया जैसी फिल्मों के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई। निर्माता के रूप में उन्होंने इश्किया, डेढ़ इश्किया और तलवार जैसी चर्चित फिल्मों का निर्माण भी किया। उनकी फिल्मों में कहानी, संगीत और निर्देशन का अनोखा मेल देखने को मिलता है।
विशाल भारद्वाज की जोड़ी गीतकार गुलजार के साथ हिंदी सिनेमा की सबसे सफल जोड़ियों में मानी जाती है। दोनों ने मिलकर कई यादगार गीत दिए हैं। अपने शानदार करियर में विशाल अब तक 9 राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, कई फिल्मफेयर अवॉर्ड और अंतरराष्ट्रीय सम्मान हासिल कर चुके हैं। उनकी फिल्मों को कान्स और टोरंटो जैसे प्रतिष्ठित फिल्म समारोहों में भी सराहा गया।