कॉफी शॉप में टेबल साफ करने से नेशनल अवॉर्ड जीतने तक, विक्रांत मैसी ने सुनाई अपने संघर्ष और सफलता की कहानी
Vikrant Massey Career: विक्रांत मैसी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि 16 साल की उम्र में उन्होंने पढ़ाई और परिवार की मदद के लिए कॉफी शॉप में टेबल साफ करने का काम किया।
- Written By: सोनाली झा
विक्रांत मैसी (फोटो क्रेडिट- सोशल मीडिया)
Vikrant Massey Struggle: विक्रांत मैसी ने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि महज 16 साल की उम्र में उन्होंने पढ़ाई का खर्च उठाने और परिवार की आर्थिक मदद के लिए मुंबई के एक कॉफी शॉप में टेबल साफ करने का काम शुरू कर दिया था। उस समय दोस्तों को यह बताने में उन्हें शर्म आती थी कि वे नौकरी करने जा रहे हैं। हालांकि, वही संघर्ष आज उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गया है।
बॉलीवुड अभिनेता विक्रांत मैसी आज इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली कलाकारों में गिने जाते हैं, लेकिन इस मुकाम तक पहुंचने का उनका सफर बिल्कुल भी आसान नहीं रहा। हाल ही में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने अपने संघर्ष के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्होंने सिर्फ 16 साल की उम्र में काम करना शुरू कर दिया था। उस समय उनका मकसद सिर्फ जेब खर्च कमाना नहीं, बल्कि अपनी पढ़ाई का खर्च उठाना और परिवार की आर्थिक मदद करना था।
कॉफी शॉप में साफ करते थे टेबल
विक्रांत ने बताया कि शुरुआती दिनों में उन्होंने मुंबई के एक कॉफी शॉप में टेबल साफ करने का काम किया। उन्होंने कहा कि कोई भी 16 साल का लड़का अपने घर की सुविधा छोड़कर नौकरी नहीं करना चाहता, लेकिन मेरे सामने जिम्मेदारियां थीं। मुझे अपनी पढ़ाई के साथ-साथ परिवार का भी सहारा बनना था। अभिनेता ने माना कि किशोरावस्था में उन्हें दोस्तों को यह बताने में झिझक होती थी कि वह नौकरी करने जा रहे हैं।
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दोस्तों से छिपाते थे नौकरी की बात
विक्रांत ने कहा कि जब दोस्त क्रिकेट या फुटबॉल खेलने के लिए बुलाते थे, तब मेरे पास कोई जवाब नहीं होता था। उस उम्र में यह बताना आसान नहीं था कि मैं पैसे कमाने जा रहा हूं, क्योंकि मुझे अपने परिवार की जिम्मेदारी निभानी थी। आर्थिक स्थिरता हमेशा उनकी प्राथमिकता रही। उन्होंने महज 24 साल की उम्र में अपना पहला घर खरीदा, जिससे उन्होंने अपनी मां का एक बड़ा सपना पूरा किया।
संघर्ष ने बनाया मजबूत कलाकार
विक्रांत मैसी का मानना है कि उन्हीं कठिन दिनों ने उन्हें जिंदगी की असली सीख दी। वर्कफ्रंट की बात करें तो 12वीं फेल में उनके दमदार अभिनय ने उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार दिलाया। इसके अलावा मिर्जापुर, क्रिमिनल जस्टिस, हसीन दिलरुबा, छपाक, लुटेरा और द साबरमती रिपोर्ट जैसी फिल्मों और वेब सीरीज में भी उन्होंने अपनी शानदार अदाकारी से दर्शकों का दिल जीता है।
