निगेटिव पीआर और फेक रिव्यू पर छलका विजय देवरकोंडा का दर्द, कहा, ‘वर्षों पहले हुआ था शिकार’
Negative PR: विजय देवरकोंडा ने फेक रिव्यू पर दुख जताया और कहा कि उनकी फिल्म 'डियर कॉमरेड' भी शिकार हुई थी। चिरंजीवी की फिल्म 'मना शंकर वर प्रसाद गारू' के रिव्यू कोर्ट के आदेश के बाद बैन हुए।
- Written By: अनिल सिंह
Vijay Deverakonda (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Vijay Deverakonda On Fake Reviews: साउथ इंडस्ट्री के चर्चित अभिनेता विजय देवरकोंडा ने फिल्मों की रिलीज़ से पहले होने वाले निगेटिव पीआर (Negative PR) और फेक रिव्यू (Fake Review) की समस्या पर अपना दर्द बयां किया है। पिछली बार फिल्म ‘किंगडम’ में नज़र आए विजय ने दुख जताया कि वर्षों पहले उनकी फिल्म ‘डियर कॉमरेड’ भी इस संगठित हमले का शिकार हुई थी, लेकिन तब उनकी आवाज़ अनसुनी कर दी गई थी।
मेगास्टार चिरंजीवी की आगामी तेलुगु फिल्म ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ को लेकर एक हालिया घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए विजय देवरकोंडा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं।
खुशी और दुख दोनों का अहसास
विजय देवरकोंडा ने अपनी पोस्ट में इस बात पर खुशी और दुख दोनों जताया है कि अब फिल्म निर्माता और बड़े स्टार्स ने फेक रेटिंग रिव्यू को एक गंभीर समस्या के रूप में स्वीकार किया है।
सम्बंधित ख़बरें
दिया मिर्जा ने किया सोनम वांगचुक का सपोर्ट, वीडियो शेयर कर दिया बड़ा बयान
‘तुम काली और मोटी हो’, तुम हीरोइन नहीं बन सकती’, बॉडी शेमिंग का शिकार हुई थीं समीरा रेड्डी, छलका दर्द
Vijay Thalapathy की फिल्म ने रिलीज से पहले कर दिया धमाल, एडवांस बुकिंग से 40 हजार की कमाई
‘स्वातंत्र्यवीर सावरकर’ के लिए रणदीप हुड्डा को मिला नेशनल अवॉर्ड, बोले- सबसे मुश्किल फिल्म थी
खुशी का कारण: “यह देखकर खुशी… हो रही है कि कई लोगों की मेहनत, सपने और पैसा किसी तरह सुरक्षित हो रहे हैं।”
दुख का कारण: “…और दुख इस बात का है कि हमारे ही लोग इन समस्याओं की जड़ हैं। जियो और जीने दो के सिद्धांत और साथ मिलकर विकास करने का क्या हुआ?”
वर्षों से अनसुनी आवाज़: उन्होंने कहा कि इतने वर्षों तक उनकी आवाज़ अनसुनी रही, और उन्हें कहा गया था कि कोई अच्छी फिल्म को रोक नहीं सकता।
ये भी पढ़ें- ब्रह्मानंद को लोकल मैन समझ बैठे युवराज सिंह, फैंस की प्रतिक्रिया देख हुए हैरान, देखें वीडियो
‘डियर कॉमरेड’ के दिनों का दर्द
विजय देवरकोंडा ने बताया कि इस नकारात्मकता का शिकार वह पहली बार कब हुए थे।
पहला अनुभव: अभिनेता ने लिखा, “‘डियर कॉमरेड’ के दिनों से ही मैंने संगठित हमलों की भयावह राजनीति को पहली बार देखा।”
निर्माताओं को एहसास: उन्होंने आगे कहा कि “मेरे साथ फिल्म बनाने वाले हर निर्माता और निर्देशक को जल्द ही इस समस्या की गंभीरता का एहसास हो जाता है।”
सपनों की रक्षा: विजय ने अपनी चिंता साझा करते हुए कहा कि उन्होंने कई रातें यह सोचते हुए बिताई हैं कि ऐसे लोगों से कैसे निपटा जाए, ताकि वह अपने सपनों और अपने बाद आने वाले लोगों के सपनों की रक्षा कर सकें।
कोर्ट के आदेश के बाद बैन हुए रिव्यू
विजय देवरकोंडा ने इस बात पर संतोष जताया कि अब यह मामला सबके सामने आ गया है:
कोर्ट का हस्तक्षेप: उन्होंने कहा, “मुझे खुशी है कि अब यह मामला सबके सामने आ गया है और अदालत ने भी फिल्मों के लिए खतरे को स्वीकार कर लिया है।”
चिरंजीवी की फिल्म पर असर: दरअसल, नयनतारा और चिरंजीवी अभिनीत फिल्म ‘मना शंकर वर प्रसाद गारू’ 12 जनवरी को रिलीज़ होने वाली है। फिल्म निर्माताओं की याचिका पर, कोर्ट के आदेश के बाद ‘बुक माई शो’ के इंटरफेस पर फिल्म की समीक्षाएं और रेटिंग को बैन कर दिया गया है।
निर्माताओं की चिंता: फिल्म निर्माताओं का मानना है कि फेक रिव्यू और निगेटिव पीआर से फिल्म पर नकारात्मक असर पड़ता है और लोग बिना फिल्म देखे ही इसे निशाना बनाते हैं।
