Tulip Joshi: पहली फिल्म ने रातोंरात बनाया स्टार, जानें अब क्या करती हैं ट्यूलिप जोशी
Film Journey: मासूमियत भरी मुस्कान और सादगी भरे चेहरे के साथ जब ट्यूलिप जोशी स्क्रीन पर पहली बार नजर आईं, तो दर्शकों ने उन्हें दिल से अपनाया। लेकिन अब वो बॉलीवुड से दूर हैं।
- Written By: अनिल सिंह
ट्यूलिप जोशी का फिल्मी सफर, जानें क्यों बॉलीवुड से हो गईं दूर
Tulip Joshi Film Journey: बॉलीवुड की चमक-धमक भरी दुनिया में कई ऐसे चेहरे आते हैं, जो अपनी पहली ही फिल्म से लोगों के दिलों में जगह बना लेते हैं। कुछ सितारे ऐसे भी होते हैं, जिनकी शुरुआत शानदार होती है, लेकिन सफर बहुत लंबा नहीं चल पाता। ऐसी ही एक अभिनेत्री हैं ट्यूलिप जोशी। मासूमियत भरी मुस्कान और सादगी भरे चेहरे के साथ जब वह स्क्रीन पर पहली बार नजर आईं, तो दर्शकों ने उन्हें दिल से अपनाया। उनका फिल्मी सफर, खास तौर से डेब्यू की कहानी बेहद दिलचस्प है।
ट्यूलिप जोशी का जन्म 11 सितंबर 1980 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता गुजराती हिंदू थे और उनकी मां अर्मेनियाई-लेबनानी ईसाई थीं, जिसके चलते उनका लालन-पालन मिश्रित संस्कृति के तहत हुआ। उन्होंने मुंबई के जमनाबाई नरसी स्कूल से शुरुआती पढ़ाई की और फिर फूड साइंस और केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन किया। उन्हें मॉडलिंग में शुरू से ही दिलचस्पी रही। कॉलेज के दिनों में ही उन्होंने कुछ विज्ञापनों में काम करना शुरू कर दिया था। साल 2000 में उन्होंने फेमिना मिस इंडिया प्रतियोगिता में भी हिस्सा लिया, हालांकि वे फाइनल में नहीं पहुंच सकीं, लेकिन उनकी खूबसूरती और आत्मविश्वास ने उन्हें मॉडलिंग की दुनिया में पहचान दिलाई।
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‘मेरे यार की शादी है’ फिल्म से मिला मौका
ट्यूलिप की किस्मत असली मायनों में तब पलटी जब वह एक शादी में गईं। ये शादी फिल्ममेकर आदित्य चोपड़ा और उनकी पहली पत्नी पायल खन्ना की थी। पायल, ट्यूलिप की करीबी दोस्त थीं और उसी वजह से वह इस शादी में शामिल हुई थीं। पार्टी में ट्यूलिप की खूबसूरती और पर्सनैलिटी ने आदित्य चोपड़ा का ध्यान खींचा। बाद में उन्हें यशराज फिल्म्स की एक रोमांटिक फिल्म ‘मेरे यार की शादी है’ के लिए ऑडिशन के लिए बुलाया गया।
एक शादी ने पलटी किस्मत
ट्यूलिप ने ऑडिशन दिया और उन्हें फिल्म में लीड एक्ट्रेस का रोल मिल गया। साल 2002 में रिलीज हुई ‘मेरे यार की शादी है’ ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया। फिल्म में उन्होंने उदय चोपड़ा और जिमी शेरगिल के साथ स्क्रीन शेयर की। फिल्म का म्यूजिक सुपरहिट रहा और ट्यूलिप की मासूमियत को दर्शकों ने खूब पसंद किया। हालांकि, उन्हें हिंदी बोलने में थोड़ी मुश्किल होती थी, इसलिए फिल्म के लिए उन्हें हिंदी की ट्यूशन भी लेनी पड़ी।
कुछ समय के लिए नाम ‘अंजलि’ भी अपना लिया
इंडस्ट्री में कदम रखते ही उन्हें सलाह दी गई कि ट्यूलिप नाम बहुत विदेशी लगता है, इसलिए उन्होंने कुछ समय के लिए नाम ‘अंजलि’ भी अपना लिया, लेकिन इससे उन्हें करियर में ज्यादा फायदा नहीं मिला। ‘मेरे यार की शादी है’ के बाद ट्यूलिप ने ‘दिल मांगे मोर’, ‘धोखा’, ‘मातृभूमि’, ‘सुपरस्टार’, ‘बच्चन’, ‘जट्ट एयरवेज’, और ‘जय हो’ जैसी फिल्मों में काम किया। उन्होंने न सिर्फ हिंदी, बल्कि पंजाबी, कन्नड़, मलयालम और तेलुगू फिल्मों में भी अभिनय किया।
विनोद नायर से की शादी
ट्यूलिप की निजी जिंदगी भी काफी चर्चा में रही। फिल्मों के दौरान उनकी मुलाकात कैप्टन विनोद नायर से हुई, जिन्होंने साल 1995 तक भारतीय सेना का हिस्सा रहने के बाद आर्मी छोड़ दी और बिजनेसमैन बन गए। दोनों के बीच दोस्ती हुई और फिर ये रिश्ता प्यार में बदल गया। करीब चार साल तक दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहे और फिर शादी कर ली। शादी के बाद ट्यूलिप ने फिल्मों से दूरी बना ली और अपने पति के साथ बिजनेस में जुड़ गईं। विनोद नायर ने ‘किंमया’ नाम की एक मैनेजमेंट और ट्रेनिंग कंसल्टिंग कंपनी शुरू की, जिसमें ट्यूलिप जोशी बतौर डायरेक्टर काम कर रही हैं। इसके अलावा, वह एक एस्ट्रोलॉजर भी हैं।
