राजकुमार राव और सान्या मल्होत्रा (फोटो-सोशल मीडिया)
Rajkummar Rao Film Toaster Review: फिल्म की कहानी रमाकांत नाम के एक ऐसे परफ्यूम विक्रेता की है, जो स्वभाव से बेहद कंजूस है और पाई-पाई बचाकर खर्च करता है। वो एक ऐसी सोसाइटी में रहता है जहां अधिकांश सीनियर सिटीजन रहते हैं और वहां किराए पर रहने की मुख्य वजह होती है उस सोसाइटी का किराया कम होना। एक दिन जब रमाकांत की पत्नी उसे अपने गुरूजी की बेटी की शादी में लेकर जाती है तो उसकी इच्छा के विरुद्ध उससे करीब 5 हजार का महंगा टोस्टर खरीदने को कहती है जिसे वे शादी में गिफ्ट करते हैं।
लेकिन बाद में पता चलता है कि किसी कारण शादी टूट जाती है और अब रमाकांत के मन में ये सवाल उठता है कि शादी टूट गई तो टोस्टर वापस ले आना चाहिए। लेकिन कहानी में ट्विस्ट तब आता जब इसे पता चलता है कि गुरूजी ने टोस्टर को अनाथ आश्रम में दान कर दिया है। यहां से शुरू होता है असली खेल जब रमाकांत अपना टोस्टर वापस पाने में जुट जाता है और यहां से जाने अनजाने में शुरू होता है खुनी खेल जिसमें रमाकांत बुरी तरह से फंसता जाता है।
राजकुमार राव एक बार फिर अपने कॉमिक अंदाज से हमें खूब हंसते हैं। उनके साथ अभिषेक बनर्जी भी हमें लोटपोट करने में कोई कमी नहीं छोड़ते हैं। फिल्म में अर्चना पूरण सिंह ने भी सराहनीय काम किया है। वहीं सान्या मल्होत्रा रमाकांत की पत्नी के किरदार में पूरी तरह से ढली हुई नजर आई। इसी के साथ प्रवीण लिमये और सीमा पाहवा ने भी बढ़िया काम किया है।
ये फिल्म एक आम आदमी की कहानी कहती जो ये सबक भी देती है कभी-कभी अत्यधिक कंजूसी करना भी हमारे लिए मुसीबत खड़ी कर सकता है। राजकुमार राव और पत्रलेखा ने मिलकर अपनी प्रोडक्शन कंपनी कांपा फिल्म्स के तहत एक कॉमेडी से भरपूर कहानी पेश की है। फिल्म हमें कभीं भी बोर नहीं करती और ये शुरू से अंत तक बांधे रखती है। इस फिल्म को हम ओटीटी पर फैमिली के साथ देखने के लिए जरूर रिकमेंड करेंगे।
टोस्टर एक दिलचस्प कॉमेडी-क्राइम थ्रिलर है, जो हल्के-फुल्के अंदाज में सस्पेंस और ह्यूमर का बेहतरीन मिश्रण पेश करती है। निर्देशक विवेकदास चौधरी ने कहानी को रोचक बनाए रखते हुए कॉमिक टाइमिंग और थ्रिल के बीच अच्छा संतुलन बनाया है। कुल मिलाकर ‘टोस्टर’ एक ऐसी फिल्म है, जो आपको हंसाने के साथ-साथ सस्पेंस का मजा भी देती है, इसलिए इसे 3.5 स्टार्स देना बिल्कुल सही लगता है।