टाइगर श्रॉफ (फोटो-सोशल मीडिया)
Tiger Shroff Depression: बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया जितनी बाहर से ग्लैमरस दिखती है, उसके पीछे उतना ही दबाव और असुरक्षा छिपी होती है। एक्शन स्टार टाइगर श्रॉफ ने हाल ही में अपने करियर के सबसे मुश्किल दौर को याद करते हुए बताया कि एक फिल्म की असफलता ने उन्हें अंदर तक तोड़ दिया था। 2 मार्च 1990 को मुंबई में जन्मे टाइगर ने 2014 में फिल्म हीरोपंती से बॉलीवुड में धमाकेदार शुरुआत की थी।
इसके बाद जब साल 2022 में हीरोपंती 2 रिलीज हुई, तो उन्हें इससे काफी उम्मीदें थीं। यह उनकी पहली हिट फिल्म का सीक्वल थी, इसलिए वे इसे अपने करियर का बड़ा मोड़ मान रहे थे। हालांकि फिल्म बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई। इसका असर सीधे तौर पर टाइगर की मानसिक स्थिति पर पड़ा।
मशहूर फिल्ममेकर करण जौहर के चैट शो कॉफी विद करण में टाइगर ने खुलकर बताया कि फिल्म की असफलता को उन्होंने बेहद पर्सनल ले लिया था। उन्होंने कहा कि मैं लगातार बॉक्स ऑफिस के आंकड़े देख रहा था। हर रिपोर्ट का असर मुझ पर हो रहा था। मुझे लगा कि कहीं मैं दर्शकों की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरा। यही सोच मुझे अंदर से परेशान करती रही। एक समय ऐसा आया जब मैं डिप्रेशन जैसा महसूस करने लगा था।
टाइगर ने माना कि इंडस्ट्री में हर शुक्रवार एक परीक्षा की तरह होता है। फिल्म हिट हो जाए तो तारीफ, और फ्लॉप हो जाए तो आलोचना शुरू हो जाती है। सिर्फ फिल्मों की असफलता ही नहीं, टाइगर ने अपनी एंग्जायटी और फ्लाइट फोबिया पर भी बात की। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि एक बार फ्लाइट में तेज हलचल के बाद उन्हें गहरा डर बैठ गया था।
टाइगर ने कहा कि जब भी हवाई यात्रा करनी होती है, तो खुद को मानसिक रूप से तैयार करना पड़ता है। कई बार असहज महसूस करता हूं, लेकिन काम की वजह से सफर जरूरी है। टाइगर का मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बात करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि एंग्जायटी कोई कमजोरी नहीं है। अगर कोई व्यक्ति चिंता या डिप्रेशन से गुजर रहा है, तो उसे इसे छिपाने के बजाय किसी भरोसेमंद व्यक्ति से साझा करना चाहिए।