डॉक्टर बनना चाहती थीं Nargis, लेकिन एक स्क्रीन टेस्ट ने बदल दी जिंदगी, बनीं भारतीय सिनेमा की अमर एक्ट्रेस
Nargis Birth Anniversary: नरगिस का सपना डॉक्टर बनकर समाज सेवा करना था, लेकिन मां जद्दनबाई की इच्छा और महबूब खान के एक स्क्रीन टेस्ट ने उनकी जिंदगी बदल दी। उन्होंने भारतीय सिनेमा में अमिट पहचान बनाई।
- Written By: सोनाली झा
नरगिस (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Nargis Birth Anniversary Special Story: बॉलीवुड की दिग्गज एक्ट्रेस नरगिस का जन्म 1 जून 1929 को कोलकाता में हुआ था। 70-80 के दशक में एक्ट्रेस नरगिस का जादू दर्शकों के सर चढ़ कर बोलता था। उनका असली नाम रशीद फातिमा था। उनकी मां जद्दनबाई उस दौर की मशहूर गायिका, एक्ट्रेस, निर्देशक और निर्माता थीं। जद्दनबाई चाहती थीं कि उनकी बेटी भी फिल्मी दुनिया में अपना नाम बनाए, लेकिन नरगिस की रुचि पढ़ाई में थी। वह डॉक्टर बनकर लोगों की सेवा करना चाहती थीं और फिल्मों से दूर रहना चाहती थीं।
हालांकि, मां की इच्छा के आगे उन्हें झुकना पड़ा। महज छह साल की उम्र में उन्होंने बाल कलाकार के रूप में ‘तलाश-ए-हक में काम किया। यहीं से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई, लेकिन अभिनय में उनकी खास दिलचस्पी नहीं थी। एक दिन जद्दनबाई ने नरगिस को प्रसिद्ध फिल्मकार महबूब खान के पास स्क्रीन टेस्ट देने भेजा। नरगिस पूरी तरह बेमन से वहां पहुंचीं।
महबूब खान ने पहचानी प्रतिभा
उन्हें उम्मीद थी कि उन्हें रिजेक्ट कर दिया जाएगा और वह अपने डॉक्टर बनने के सपने को आगे बढ़ा सकेंगी। लेकिन हुआ बिल्कुल उल्टा। महबूब खान उनकी प्रतिभा से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने अपनी फिल्म तकदीर में उन्हें नायिका के रूप में चुन लिया। यह फैसला नरगिस के जीवन का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। इसके बाद नरगिस ने कई फिल्मों में काम किया, लेकिन असली सफलता उन्हें 1949 में रिलीज हुई बरसात और अंदाज से मिली।
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मदर इंडिया से मिली पहचान
राज कपूर के साथ नरगिस की जोड़ी दर्शकों की पसंदीदा बन गई। आवारा, श्री 420, चोरी चोरी और जागते रहो जैसी फिल्मों में दोनों ने साथ काम किया। साल 1957 में रिलीज हुई मदर इंडिया ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाई। फिल्म में राधा के किरदार को आज भी भारतीय सिनेमा के सबसे यादगार पात्रों में गिना जाता है। बाद में उन्होंने सुनील दत्त से शादी की और समाज सेवा व राजनीति में भी सक्रिय भूमिका निभाई। नरगिस का जीवन इस बात का उदाहरण है कि कभी-कभी जिंदगी हमें वहां ले जाती है, जहां जाने की हमने कल्पना भी नहीं की होती।
