Sonu Sood: गणपति विसर्जन पर सोनू सूद ने दिया खास संदेश, यहां पढ़ें रिपोर्ट
Ganpati Visarjan: सोनू सूद ने गणपति विसर्जन के समय अपने चाहने वालों और देशवासियों को ख़ास संदेश दिया है। परंपराएं पवित्र हैं, लेकिन वे आधुनिक ज़िम्मेदारियों के साथ भी चल सकती हैं।
- Written By: अनिल सिंह
रियल-लाइफ हीरो सोनू सूद ने परिवार के साथ इको फ्रेंडली गणपति विसर्जन किया
Sonu Sood Ganpati Visarjan: अभिनेता और समाजसेवी सोनू सूद, जिन्होंने एक रियल-लाइफ हीरो के रूप में पूरे देश का अपार प्यार और सम्मान अर्जित किया है, एक बार फिर मिसाल कायम कर रहे हैं। इस बार अपने गणेश चतुर्थी उत्सव के माध्यम से। अभिनेता अपने परिवार के साथ घर पर ही बप्पा का इको फ्रेंडली विसर्जन करके यह संदेश दे रहे हैं कि आस्था के साथ प्रकृति के प्रति ज़िम्मेदारी भी ज़रूरी है।
सोनू सूद और उनका परिवार हमेशा से गणेश चतुर्थी को खुशी, भक्ति और एकजुटता के पर्व के रूप में मनाते आए हैं। लेकिन इस साल, उन्होंने यह तय किया है कि उनका उत्सव पर्यावरण के लिए भी अच्छा हो। सार्वजनिक जलाशयों में मूर्ति विसर्जित करने के बजाय, सोनू अपने घर में ही एक ऐसा तरीका अपनाएं जिससे नदियों और झीलों को कोई नुकसान न पहुँचे। ऐसा करके, वह न केवल परंपरा का संरक्षण कर रहे हैं, बल्कि पर्यावरण को प्रदूषण से भी बचा रहे हैं।
सम्बंधित ख़बरें
गोवा नहीं बल्कि मुंबई में शूट हुआ था ‘हसीना मान जाएगी’ का गाना, Karisma Kapoor ने किया बड़ा खुलासा
‘कॉकटेल 2’ प्रमोशन में मची अफरा-तफरी, Rashmika Mandanna की सुरक्षा के लिए ढाल बनकर खड़ी हुईं Kriti Sanon
Amrish Puri Slap Story: जब अमरीश पुरी ने स्मिता पाटिल को जड़ दिया था थप्पड़, जानें दिलचस्प किस्सा
Surbhi Jyoti Baby Girl: खुशखबरी! 38 साल की उम्र में सुरभि ज्योति बनीं मां, परिवार में आया नया मेहमान
ये भी पढ़ें- कपूर फैमिली के गणपति विसर्जन में आलिया भट्ट नहीं आईं नजर, यूजर्स ने ली चुटकी
सोनू सूद बने हुए हैं करुणा का प्रतीक
वर्षों से, सोनू सूद सेवा और करुणा का प्रतीक बने हुए हैं। चाहे वह प्रवासी मज़दूरों की मदद करना हो, चिकित्सा सहायता का प्रबंध करना हो, या ज़रूरतमंद परिवारों का समर्थन करना हो। गणपति उत्सव को एक स्थायी तरीके से मनाने का उनका चुनाव और पर्यावरण के अनुकूल ढंग से मनाना इसी सेवा-भावना का विस्तार है। उनके लिए सच्ची भक्ति केवल रीति-रिवाजों में नहीं, बल्कि उस संसार की रक्षा में भी है जिसे भगवान गणेश ने हमारे लिए बनाया है।
सच्चा नायक वही जो पर्यावरण की सेवा करे
बप्पा को पर्यावरण-अनुकूल तरीके से विदा करके, सोनू सूद अनगिनत परिवारों को यह प्रेरणा दे रहे हैं कि त्योहारों को नए ढंग से भी मनाया जा सकता है। उनका यह कदम हमें याद दिलाता है कि परंपराएं पवित्र हैं, लेकिन वे आधुनिक ज़िम्मेदारियों के साथ भी चल सकती हैं। श्रद्धा और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता के साथ, सोनू सूद एक बार फिर साबित करते हैं कि सच्चा नायक वही है जो इंसानियत और पर्यावरण दोनों की सेवा करे।
