पंचतत्व में विलीन हुईं शारदा सिन्हा, मुखाग्नि देकर मां के पैरों से लिपटकर रोए बेटे अंशुमान सिन्हा
बिहार की स्वर कोकिला शारदा सिन्हा आज छठ के दिन 7 नवंबर को पंचतत्व में विलीन हो गईं। आंखों को दिल में आंसुओं का सैलाब लिए मां को मुखाग्नि दी।
- Written By: निक्की राय
पंचतत्व में विलीन हुईं शारदा सिन्हा (फोटो सोर्स-इंस्टाग्राम)
बिहार: बिहार की लोक गायिका शारदा सिन्हा आज पंचतत्व में विलीन हो गईं। उनके बेटे अंशुमन आंसुओं के सैलाब में डूबे नजर आए। भारी मन के साथ उन्होंने अपनी माताजी को मुखाग्नि दी। गार्ड ऑफ ऑनर के सम्मान के साथ शारदा सिन्हा का अंतिम संस्कार हुआ और उन्हें अंतिम विदाई दी गई। राजकीय सम्मान के साथ शारदा सिन्हा जी को अंतिम विदाई दी गई। गुलबी घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। नम आंखों के साथ सभी ने उन्हें विदाई दी। शारदा सिन्हा जी का इस दुनिया से जाना देश के लिए और म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक बड़ी हानि है। सिंगर के फैंस बहुत ही भारी मन के साथ इस बार छठ पूजा का पर्व मना रहे हैं।
पैर पकड़कर रोए बेटे अंशुमान
लोक गायिका शारदा सिन्हा के अंतिम संस्कार से समय उनके फैंस की भारी भीड़ जमा थी। अपनी माता को मुखाग्नि देते हुए बेटे अंशुमान का रो-रोकर बुरा हाल था। मुखाग्नि देने के बाद वो अपनी मां के पैरों से लिपटकर खूब रोए। उन्होंने अपनी मां की अर्थी को कंधा दिया। उनके साथ बीजेपी के पूर्व सांसद रामकृपाल यादव और विधायक संजीव चौरसिया ने भी कंधा दिया।
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राजकीय सम्मान के साथ विदाई
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की है कि पद्म भूषण से सम्मानित गायक का अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। लोक संगीत की मधुर प्रस्तुतियों के लिए “बिहार कोकिला” के नाम से मशहूर शारदा सिन्हा को एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था और अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग में उनका इलाज चल रहा था। गायिका मल्टीपल मायलोमा नामक रक्त कैंसर से जूझ रही थीं, जिसने 2018 से उनके स्वास्थ्य को काफी प्रभावित किया है।
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छठ से पहले ही अंतिम सांस
उन्होंने छठ पूजा के पहले दिन अंतिम सांस ली, यह दिन उनके प्रशंसकों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि वे अपने प्रतिष्ठित छठ महापर्व गीतों के कारण प्रसिद्ध हैं। उनके पुत्र अंशुमान सिन्हा के एक भावुक बयान से पता चला कि परिवार ने उनका अंतिम संस्कार उसी स्थान पर करने का निर्णय लिया है, जहां पटना में उनके पिता का अंतिम संस्कार किया गया था। बता दें कि शारदा सिन्हा के निधन से ठीक 44 दिन पहले ही उनके पति ब्रज किशोर सिन्हा जी का निधन हुआ था। माना जा रहा है, तब से ही सिंगर गम में डूबी हुई थीं।
