रोहित शेट्टी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Rohit Shetty House Firing Linkup Agra Module Shooters: 31 जनवरी 2026 को बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर रोहित शेट्टी के जुहू स्थित घर पर फायरिंग की घटना ने पूरी फिल्म इंडस्ट्री को झकझोर दिया। इस वारदात में पांच राउंड गोलियां चलाई गई थीं। मुंबई क्राइम ब्रांच की शुरुआती जांच में यह खुलासा हुआ कि फायरिंग में इस्तेमाल की गई गाड़ी पुणे से खरीदी गई थी। गाड़ी आदित्य गायकी ने 30,000 रुपये में खरीदी और समर्थ पोमाजी के साथ मिलकर मुंबई के जुहू इलाके में फायरिंग के लिए छोड़ दी।
जांच में यह भी सामने आया कि रोहित शेट्टी के घर पर फायरिंग करने वाले आरोपियों को सीधे बैंक खातों के जरिए पैसे दिए गए थे। लेन-देन एटीएम के माध्यम से किया गया ताकि कोई शक न करे। पुलिस इस मनी ट्रेल के जरिए उस मुख्य आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है जिसने पूरी फंडिंग की थी। इस कदम से यह साफ हुआ कि वारदात केवल स्थानीय स्तर की नहीं, बल्कि बड़े नेटवर्क से जुड़ी हुई थी।
जांच का सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब पता चला कि इस वारदात को अंजाम देने वाले ‘आगरा मॉड्यूल’ के शूटर्स को नेपाल से फंडिंग मिली थी। इस खुलासे के बाद राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट मोड में आ गई हैं। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय गैंग या अंडरवर्ल्ड नेटवर्क तो नहीं है।
जांच में यह भी सामने आया कि गाड़ी खरीदने और मुंबई पहुंचाने वाले लोगों को यह नहीं पता था कि शूटर कौन है। बाद में शुभम लोंकर ने शूटर्स को गाड़ी उठाने और फायरिंग करने का आदेश दिया। मुंबई पुलिस और बहादुरगढ़ की STF यूनिट ने मिलकर अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया है।
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मुंबई क्राइम ब्रांच ने इस फायरिंग मामले को हाई-प्रोफाइल मामला घोषित किया है। अब पुलिस फंडिंग के अंतरराष्ट्रीय लिंक और मनी ट्रेल की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस साजिश के पीछे बड़े नेटवर्क का हाथ है, जिनके तार देश की सीमाओं के पार तक फैले हुए हैं। यह मामला बॉलीवुड में सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय क्राइम नेटवर्क की जांच के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस हाई-प्रोफाइल केस ने फिल्म इंडस्ट्री और सुरक्षा एजेंसियों दोनों के लिए गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।