Rohini Hattangadi Career: पर्दे पर बुजुर्ग किरदार से छा गईं रोहिणी हट्टंगड़ी, इंटरनेशनल फिल्म से मिली पहचान
Rohini Hattangadi Birthday: रोहिणी हट्टंगड़ी ने 27 साल की उम्र में ‘गांधी’ में कस्तूरबा गांधी का किरदार निभाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान हासिल की। थिएटर से शुरू हुआ उनका सफर बॉलीवुड और हॉलीवुड तक पहुंचा।
- Written By: सोनाली झा
रोहिणी हट्टंगड़ी (फोटो- सोशल मीडिया)
Rohini Hattangadi Birthday Special Story: भारतीय सिनेमा में अपनी दमदार अदाकारी के लिए जानी जाने वाली रोहिणी हट्टंगड़ी ने अपने करियर में कई ऐसे किरदार निभाए, जो आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। 11 अप्रैल 1955 को पुणे में जन्मीं रोहिणी ने बचपन से ही अभिनय की दुनिया में नाम कमाने का सपना देखा था, जिसे उन्होंने अपनी मेहनत और प्रतिभा से सच कर दिखाया।
रोहिणी हट्टंगड़ी ने अपनी शुरुआती पढ़ाई पुणे में पूरी करने के बाद नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में दाखिला लिया। यहां से उन्होंने अभिनय की बारीकियां सीखीं। इसके बाद उन्होंने फिल्म एंड टेलीविज़न इंस्टिट्यूट ऑफ इंडिया से भी ट्रेनिंग ली। थिएटर से अपने करियर की शुरुआत करने वाली रोहिणी ने करीब 150 से ज्यादा नाटकों में काम किया और फिर फिल्मों की दुनिया में कदम रखा।
गांधी से मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
रोहिणी हट्टंगड़ी के करियर का सबसे बड़ा मोड़ 1982 में आया, जब उन्होंने हॉलीवुड निर्देशक रिचर्ड एटेनबरो की फिल्म गांधी में कस्तूरबा गांधी का किरदार निभाया। खास बात यह है कि उस समय उनकी उम्र सिर्फ 27 साल थी, लेकिन उन्होंने एक बुजुर्ग महिला का किरदार इतनी सहजता से निभाया कि हर कोई उनकी एक्टिंग का दीवाना हो गया। इस फिल्म ने उन्हें दुनियाभर में पहचान दिलाई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना भी मिली।
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पैरेलल और कमर्शियल सिनेमा में संतुलन
रोहिणी हट्टंगड़ी उन चुनिंदा अभिनेत्रियों में से रही हैं, जिन्होंने पैरेलल सिनेमा और कमर्शियल फिल्मों के बीच बेहतरीन संतुलन बनाया। सारांश में अनुपम खेर के साथ उनकी गंभीर भूमिका हो या चालबाज में श्रीदेवी के साथ उनका निगेटिव किरदार हर भूमिका में उन्होंने अपनी छाप छोड़ी। इसके अलावा ‘दमिनी’, ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’, ‘लगे रहो मुन्ना भाई’, ‘शहंशाह’ और ‘अग्निपथ’ जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय को खूब सराहा गया।
एक प्रेरणादायक कलाकार
1977 में जयदेव हट्टंगड़ी से शादी करने वाली रोहिणी का एक बेटा असीम है। अपने लंबे करियर में उन्होंने साबित किया कि उम्र सिर्फ एक संख्या है, असली पहचान प्रतिभा और मेहनत से बनती है। 27 साल की उम्र में बुजुर्ग महिला का किरदार निभाकर अंतरराष्ट्रीय पहचान पाना आसान नहीं था, लेकिन रोहिणी हट्टंगड़ी ने यह कर दिखाया। आज भी उनका नाम भारतीय सिनेमा की बेहतरीन अभिनेत्रियों में शुमार होता है।
