Reena Roy (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Reena Roy Birthday: बॉलीवुड की दुनिया में कुछ ही कलाकार ऐसे होते हैं जो हर तरह के किरदार को इतनी मजबूती से निभाते हैं कि दर्शक उन्हें हमेशा याद रखें। दिग्गज अभिनेत्री रीना रॉय भी उन्हीं में से एक हैं। 1970 और 1980 के दशक में उन्होंने जिस तरह से फिल्मों में खुद को साबित किया, वह आज भी दर्शकों के दिलों में जिंदा है। उनकी खूबसूरती और अभिनय क्षमता ने उन्हें सिर्फ हिट फिल्मों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्होंने हर किरदार से अपनी अमिट छाप छोड़ी, चाहे वह नेगेटिव हो या पॉजिटिव।
रीना रॉय का जन्म 7 जनवरी 1957 को मुंबई में हुआ था। उनका शुरुआती जीवन और नाम कई बदलावों से गुजरा:
असली नाम: उनका असली नाम सायरा अली था।
पारिवारिक पृष्ठभूमि: उनका परिवार फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा था; उनके पिता, सादिक अली, अभिनेता थे, और उनकी मां, शारदा रॉय, भी फिल्मों में काम करती थीं।
बदलाव: माता-पिता के तलाक के बाद, उनका नाम बदलकर पहले रूपा रॉय और फिर फिल्म निर्माता की सलाह पर रीना रॉय रखा गया। उनकी रुचि बचपन से ही अभिनय में थी।
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रीना रॉय ने 1972 में फिल्म ‘जरूरत’ से अपने करियर की शुरुआत की। हालांकि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सफल नहीं हुई, लेकिन उनकी परफॉर्मेंस ने ध्यान खींचा।
उनकी शुरुआती और महत्वपूर्ण फिल्में निम्नलिखित हैं:
1976 – ‘नागिन’: यह फिल्म उनके करियर का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई। इसमें उन्होंने पहली बार एक इंसान और नागिन की जटिल भूमिका निभाई, जिसने उन्हें रातों-रात बॉक्स ऑफिस स्टार बना दिया।
‘नागिन‘ की सफलता ने उनके करियर को सुनहरा मोड़ दिया और उनकी खूबसूरती के साथ-साथ किरदार निभाने की मजबूती ने दर्शकों को प्रभावित किया।
स्टारडम हासिल करने के बाद, रीना रॉय ने 1977 में ‘अपनापन’ में काम किया और फिल्मफेयर अवॉर्ड के लिए नामांकित हुईं।
इन फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग किरदार निभाए, जैसे प्यार में हारी प्रेमिका, संस्कारी बहू, या साहसी महिला। उनके किरदारों में हमेशा गहराई और मजबूती देखने को मिलती थी।
1983 में रीना रॉय ने अपने करियर में ब्रेक लिया और पाकिस्तानी क्रिकेटर मोहसिन खान से शादी की। बाद में उनका तलाक हो गया और वे भारत लौट आईं।
वापसी: उन्होंने 1993 में ‘आदमी खिलौना है’ में वापसी की, लेकिन उनकी पुरानी लोकप्रियता दोबारा नहीं बन सकी।
सहायक भूमिकाएं: इसके बाद उन्होंने ‘अजय’ (1996), ‘गैर’ (1999) और ‘रिफ्यूजी’ (2000) जैसी फिल्मों में सहायक भूमिकाएं निभाईं।
टीवी करियर: उन्होंने ‘ईना मीना डीका’, ‘दाल में काला है’, ‘सहारा’ और ‘गैर’ जैसे टीवी शो में भी काम किया है।
रीना रॉय के अभिनय की यही खासियत (हर किरदार में गहराई और मजबूती) उन्हें आज भी बॉलीवुड की दुनिया में अलग और खास बनाती है।