राजपाल यादव और सोनू सूद (फोटो-सोशल मीडिया)
Rajpal Yadav Cheque Bounce Case: बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव और सोनू सूद के बीच हालिया बयानबाजी ने इंडस्ट्री में नई चर्चा छेड़ दी है। चेक बाउंस मामले में 5 फरवरी को पुलिस के सामने सरेंडर करने के बाद जहां सोनू सूद ने राजपाल के समर्थन में खुलकर आवाज उठाई थी, वहीं जेल से बाहर आने के बाद राजपाल के बयान ने विवाद को हवा दे दी।
जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव ने एक इंटरव्यू में कहा कि प्लीज गलतफहमी से बाहर आ जाइए कि मुझे काम मांगने की जरूरत है। हां, काम मांगने में कोई शर्म नहीं है, लेकिन मैं अपने काम की वजह से जिंदा हूं। सिनेमा मेरा पैशन है और मैं ऐसा काम करता हूं कि चार गुना ज्यादा काम मिलता है। मैं छुट्टियों में भी काम करता हूं। मुझे काम नहीं मिलता, बल्कि काम 11 साल से मेरे साथ है।
उनके इस बयान को कई लोगों ने सोनू सूद के उस ट्वीट से जोड़कर देखा, जिसमें उन्होंने इंडस्ट्री से राजपाल को साइन करने और एडवांस देने की अपील की थी। राजपाल के बयान के बाद सोनू सूद ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मैं उनके लिए खुश हूं। मैंने यह नहीं कहा था कि उन्हें काम की जरूरत है। मैंने सिर्फ इतना कहा था कि उन्हें साइन कीजिए और एडवांस दीजिए, क्योंकि वे इसके योग्य हैं।
सोनू ने साफ किया कि उनका मकसद किसी की छवि को कमजोर करना नहीं था, बल्कि एक प्रतिभाशाली कलाकार के लिए इंडस्ट्री का समर्थन जुटाना था। गौरतलब है कि जब राजपाल यादव कानूनी परेशानी में फंसे थे, तब सबसे पहले सोनू सूद ने सोशल मीडिया पर उनके समर्थन में पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि राजपाल हमारी इंडस्ट्री के एक गिफ्टेड एक्टर हैं, जिन्होंने सालों तक शानदार काम किया है। कभी-कभी जिंदगी टैलेंट की वजह से नहीं, बल्कि टाइमिंग की वजह से अन्याय करती है।
सोनू ने यह भी कहा था कि वह अपनी फिल्म में राजपाल को शामिल करेंगे और प्रोड्यूसर्स-डायरेक्टर्स से अपील की थी कि वे उन्हें साइन करें और एक साइनिंग अमाउंट दें। उनके मुताबिक यह चैरिटी नहीं, बल्कि सम्मान की बात है और मुश्किल समय में इंडस्ट्री को अपने कलाकारों के साथ खड़ा होना चाहिए। अब दोनों कलाकारों के बयानों के बाद यह मामला चर्चा में है। हालांकि सोनू सूद की सफाई से साफ है कि उनका इरादा सिर्फ समर्थन देना था, न कि राजपाल की पेशेवर स्थिति पर सवाल उठाना।