Raj Kapoor 100th Anniversary: उधारी बढ़ने पर दुकान बदल देते थे राज कपूर, खाने के शौक की वजह से बने कलाकार

राज कपूर बचपन से ही खाने के शौकीन थे इस शौक की वजह से उन्हें कई बार डांट भी पड़ी, तो दुकान पर उधारी बढ़ने के बाद उन्हें मजबूरी में दुकान बदलना पड़ता था। खाने के शौक ने ही उन्हें एक्टिंग के करीब ला दिया था।
Raj Kapoor 100th Anniversary Untold Stories of Bollywood Show Man
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मुंबई: बॉलीवुड के शोमैन कहे जाने वाले राज कपूर की शतक जयंती मनाई जा रही है। एक सदी पहले जन्मे राज कपूर देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में शो मैन के नाम से पहचाने जाएंगे यह किसी ने सोचा भी नहीं था। बचपन में राज कपूर को हीरो का बेटा है और एक्टिंग नहीं आती यह कहकर डांटा भी गया था। लेकिन इस डांट से सबक लेकर राज कपूर ने अपने एक्टिंग को निखारा, वह बचपन से ही खाने के शौकीन थे, खाने के शौक ने उन्हें कलाकार बनने पर मजबूर कर दिया था। आइए जानते हैं राज कपूर से जुड़ी कुछ ऐसी बातें जिनके बारे में लोग कम जानते हैं।

राज कपूर का जन्म 1924 में पृथ्वीराज के पुश्तैनी मकान में हुआ था। वह मकान पाकिस्तान की पेशावर में मौजूद है। आलीशान कपूर हवेली में राज कपूर का जन्म हुआ और राज कपूर के जन्म के बाद पृथ्वीराज कपूर के दो और बेटे हुए तीनों बच्चे पाकिस्तान के पेशावर में उसी हवेली में ही पैदा हुए। पाकिस्तान में ही पृथ्वीराज कपूर को एक्टिंग का नशा सवार हो गया था और वह अपने सपनों को पूरा करने मुंबई आए। वो अपनी बीवी और बच्चों समेत मुंबई पहुंचे उनके पिता ने उन्हें सपोर्ट करने से मना कर दिया था।

Raj Kapoor untold Story

मुंबई आने के बाद बॉलीवुड में उनका सफर शुरू हो गया इसी बीच राज कपूर के फिल्मी सफर की भी नींव पड़ गई थी। राज कपूर बचपन से ही अपने पिता के फिल्म सेट पर जाया करते थे। खुद राज कपूर ने एक इंटरव्यू के दौरान एक दिलचस्प किस्सा साझा किया था, जिसके मुताबिक वह सेंट जेवियर स्कूल में जब पढ़ा करते थे, उस समय स्कूल में एक नाटक कंपटीशन में उन्होंने हिस्सा लिया था, लेकिन नाटक करने पर उन्हें प्रिंसिपल के 4 थप्पड़ पड़े थे। क्योंकि वह नाटक में एक डायलॉग दो बार बोल गए थे और उन्होंने जो कपड़ा पहना था उसमें फंसकर वह स्टेज पर गिर गए थे। तब प्रिंसिपल ने न सिर्फ उन्हें थप्पड़ मारा था, बल्कि यह भी कहा था कि तुम हीरो के बेटे हो और एक्टिंग करना चाहते हो? तुम गधे हो बाहर निकालो और दोबारा मत आना।

Raj Kapoor Birth Place is Pakistan

इसी इंटरव्यू के दौरान राज कपूर ने बताया कि वह खाने के बड़े शौकीन थे। खाने का उनका शौक ऐसा था कि वह घर के पास की दुकानों से उधारी में अपनी पसंदीदा खाद्य सामग्री खरीदते। लेकिन जब उधारी बढ़ जाती तो वह दूसरी दुकान पर डेरा डाल लेते थे। जब उनकी चोरी पकड़ी जाती थी, तो इस वजह से उन्हें मार भी पड़ती थी। खाने का शौकीन होने की वजह से बचपन में ही उनका वजन बढ़ गया था।

मां स्कूल के टिफिन में उन्हें आमलेट के साथ एक रोटी ही देती थी। लेकिन इससे राज कपूर का पेट नहीं भरता था। वह अपने दोस्तों का टिफिन खा लेते थे और कैंटीन में उधारी कर बैठते थे। लेकिन उनके इसी खाने पीने के शौक ने उन्हें एक्टिंग की तरफ धकेला, दरअसल राज कपूर को पता चला कि स्कूल में नाटक होने वाला है। नाटक में जो बच्चा हिस्सा लेगा उसे तीन खाने के कूपन दिए जाएंगे। जिसमें सैंडविच, काफी और आइसक्रीम मिल सकती है। यह सुनते ही राज कपूर झट से राजी हो गए और उन्हें स्टेज पर आने का मौका मिला लेकिन यही वह परफॉर्मेंस थी, जिसकी वजह से उन्हें डांट और मारा दोनों पड़ी थी, उसी डांट की वजह से उनका हौसला और मजबूत हुआ और उन्होंने यह तय कर लिया कि वह एक्टिंग की दुनिया में ही आगे बढ़ेंगे।

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