सेंसर बोर्ड के पूर्व चेयरमैन Pahlaj Nihalani का निधन, ‘उड़ता पंजाब’ विवाद से बटोरी थी सुर्खियां
Pahlaj Nihalani Death: पूर्व सेंसर बोर्ड अध्यक्ष और फिल्म निर्माता पहलाज निहलानी का 76 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। निहलानी ने निर्माता और प्रशासक दोनों रूपों में हिंदी सिनेमा पर गहरी छाप छोड़ी।
- Written By: सोनाली झा
पहलाज निहलानी का निधन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Pahlaj Nihalani Passed Away: भारतीय फिल्म उद्योग से एक दुखद खबर सामने आई है। मशहूर फिल्म निर्माता और केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष पहलाज निहलानी का 76 साल की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि वे पिछले कुछ महीनों से गंभीर रूप से बीमार थे और लिवर सिरोसिस से जूझ रहे थे। उपचार के दौरान मुंबई में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनके निधन से बॉलीवुड और फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई है।
पहलाज निहलानी सिर्फ एक सफल निर्माता ही नहीं, बल्कि सेंसर बोर्ड प्रमुख के रूप में अपने कड़े फैसलों के लिए भी सुर्खियों में रहे। उनके कार्यकाल के दौरान कई फिल्मों को लेकर विवाद सामने आए। फिल्म प्रमाणन को लेकर उनके सख्त रुख पर अक्सर बहस होती रही और वे भारतीय सिनेमा में सेंसरशिप को लेकर चर्चाओं के केंद्र में रहे।
89 कट्स वाले विवाद से बटोरी थी सुर्खियां
निहलानी का नाम सबसे ज्यादा उस समय चर्चा में आया था जब फिल्म उड़ता पंजाब को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में 89 कट्स और कई बदलावों की सिफारिश की थी। इस फैसले का फिल्म इंडस्ट्री और दर्शकों के बीच व्यापक विरोध हुआ था। बाद में मामला अदालत तक पहुंचा और यह भारतीय सिनेमा के इतिहास के सबसे चर्चित सेंसरशिप विवादों में शामिल हो गया।
सम्बंधित ख़बरें
Maa Behen Movie Review: रोमांच और सस्पेंस से भरी है माधुरी दीक्षित-तृप्ति डिमरी स्टारर ‘मां बहन’
Peddi X Review: राम चरण की ‘पेड्डी’ ने जीता फैंस का दिल, हेलीकॉप्टर शॉट की हो रही जमकर तारीफ
शिल्पा शिंदे के बयान पर मचा विवाद, Hina Khan ने की तीखी आलोचना, भाभीजी घर पर हैं मामले ने फिर पकड़ी सुर्खियां
Nutan Career: बेहद कम उम्र में फिल्मों में रखा कदम, स्विमसूट पहनकर तोड़ीं परंपराएं, ऐसी थी नूतन की कहानी
निर्माता के तौर पर भी छोड़ी खास पहचान
पहलाज निहलानी ने अपने करियर में कई लोकप्रिय फिल्मों का निर्माण किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में आंखें, इल्जाम, शोला और शबनम, अंदाज और तलाश जैसी फिल्में शामिल हैं। 1980 और 1990 के दशक में उन्होंने हिंदी सिनेमा को कई सफल फिल्में दीं और अपनी अलग पहचान बनाई। पहलाज निहलानी के निधन के साथ भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसे व्यक्तित्व को खो दिया है, जिन्होंने निर्माता और प्रशासक दोनों भूमिकाओं में अपनी मजबूत छाप छोड़ी। उनके योगदान और उनसे जुड़े विवाद लंबे समय तक याद किए जाएंगे।
कब होगा अंतिम संस्कार
खबर है कि दिग्गज फिल्ममेकर पहलाज निहलानी का अंतिम संस्कार गुरुवार दोपहर 3 बजे मुंबई के सांताक्रूज श्मशान घाट में किया जाएगा। उनके निधन से भारतीय सिनेमा जगत को गहरा झटका लगा है। फिल्म निर्माता के रूप में उन्होंने कई यादगार फिल्मों को दर्शकों तक पहुंचाया और उनके योगदान को लंबे समय तक याद किया जाएगा।
