नेहा धूपिया (सोर्स-सोशल मीडिया)
Neha Dhupia On Fitness Trends: आज के समय में फिटनेस और वेलनेस एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है। हर दिन सोशल मीडिया पर नई डाइट, वर्कआउट रूटीन और इंस्टेंट रिजल्ट देने वाले चैलेंज सामने आते रहते हैं, जिससे लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं। परफेक्ट बॉडी और जल्दी बदलाव के दावे कई बार लोगों पर अनजाने में मानसिक दबाव भी बना देते हैं। इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री नेहा धूपिया ने सेहत को लेकर एक सधी हुई और सच्ची सोच साझा की है।
आईएएनएस से बातचीत में नेहा धूपिया ने कहा कि अच्छी सेहत किसी जादू या शॉर्टकट से नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतों से बनती है। उनके मुताबिक, फिटनेस को लेकर जल्दबाजी और परफेक्शन की होड़ नुकसानदेह हो सकती है। नेहा ने कहा कि अच्छी सेहत से जुड़ी चुनौतियां टिकाऊ तरीकों पर आधारित होनी चाहिए। मैं उन्हीं उपायों को अपनाने में भरोसा रखती हूं, जिन्हें मैंने खुद अपनी जिंदगी में आजमाया है। रोज़ की छोटी आदतें लंबे समय में बड़ा असर दिखाती हैं।
नेहा धूपिया ने अपने एंटी-इन्फ्लेमेशन चैलेंज के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि इस चैलेंज का मकसद लोगों को परफेक्ट बनाना नहीं, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से तैयार करना है, ताकि वे अपनी सेहत को लेकर जिम्मेदारी भरे फैसले ले सकें। उन्होंने कहा कि जब हम किसी अच्छी आदत को लगातार अपनाते हैं, तो वही आदत धीरे-धीरे हमारी लाइफस्टाइल बन जाती है। इस चैलेंज के तहत नेहा रोजाना हल्दी, अदरक और कलौंजी से बना ड्रिंक लेती हैं, जिससे शरीर की अंदरूनी सूजन कम करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही वह संतुलित और हेल्दी डाइट को भी अपनी दिनचर्या का हिस्सा मानती हैं।
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देसी नुस्खों पर भरोसा जताते हुए नेहा ने कहा कि भारत में दादी-नानी के जमाने से चले आ रहे प्राकृतिक उपाय आज भी उतने ही असरदार हैं। उन्होंने कहा कि ये नुस्खे तुरंत चमत्कार नहीं दिखाते, लेकिन लंबे समय में शरीर और मन दोनों को मजबूत बनाते हैं। अच्छी सेहत का मतलब खुद पर जरूरत से ज्यादा सख्ती करना नहीं, बल्कि अपने शरीर को समझना और उसका ख्याल रखना है।