काम न मिलने पर तकिए में मुंह छुपाकर रोती थीं नेहा धूपिया, 3-4 साल घर बैठने से बढ़ गई एंग्जायटी

Neha Dhupia Interview:‘सिंगल पापा’ और ‘परफेक्ट फैमिली’ से तारीफें बटोर रहीं नेहा धूपिया ने खुलासा किया कि एक दौर ऐसा भी था जब 3-4 साल तक काम नहीं मिला और वह टूट गई थीं।
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नेहा धूपिया स्ट्रगल स्टोरी (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
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Neha Dhupia Struggle Story: एक्ट्रेस नेहा धूपिया इन दिनों अपने शोज ‘सिंगल पापा’ और ‘परफेक्ट फैमिली’ में दमदार अभिनय के चलते खूब तारीफें बटोर रही हैं। लेकिन हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने अपने करियर के उस मुश्किल दौर के बारे में खुलकर बात की, जब उनके पास लगातार कई साल तक कोई बड़ा काम नहीं था। नेहा ने स्वीकार किया कि उस समय वह मानसिक रूप से काफी परेशान रहने लगी थीं और एंग्जाइटी ने उन्हें घेर लिया था।

नेहा धूपिया ने बॉलीवुड हंगामा से बातचीत में कहा कि काम न होना उनके लिए हमेशा से सबसे बड़ा डर रहा है। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में 20 साल बिताने के बाद भी जब फोन नहीं बजता, तो अंदर से टूटन महसूस होती है। नेहा के मुताबिक, ऐसे दिन भी आए जब वह तकिए पर सिर रखकर रोती थीं। उन्होंने कहा कि वह इसे कोई दुखभरी कहानी नहीं बनाना चाहतीं, क्योंकि उन्हें अपने काम से सच्चा प्यार है और यही प्यार उन्हें फिर से उठ खड़ा होने की ताकत देता है।

काम न मिलने पर रोती थीं नेहा धूपिया

एक्ट्रेस ने यह भी बताया कि फिल्म इंडस्ट्री में कलाकारों को अक्सर “मोटी चमड़ी” रखने की सलाह दी जाती है, लेकिन सच यह है कि प्रोजेक्ट खोना और लगातार रिजेक्शन झेलना आसान नहीं होता। नेहा ने कहा कि सबसे मुश्किल तब लगता है जब आसपास के सभी लोग काम में बिजी होते हैं और आप खुद को पीछे छूटता हुआ महसूस करते हैं। हालांकि, अनुभव ने उन्हें सिखाया है कि ऐसे हालात से कैसे बाहर निकलना है।

नेहा धूपिया ने साफ किया कि भले ही उन्हें एक्टिंग के बड़े प्रोजेक्ट्स कुछ समय तक न मिले हों, लेकिन वह कभी पूरी तरह बेरोजगार नहीं रहीं। उन्होंने बताया कि वह अलग-अलग तरह के काम करती रहीं, जिससे थकान जरूर होती थी, लेकिन दिन के आखिर में संतोष मिलता था कि कुछ तो किया।

अक्षय खन्ना का भी किया जिक्र

बातचीत के दौरान नेहा ने अभिनेता अक्षय खन्ना का भी जिक्र किया, जिनके करियर से उन्हें आज भी मोटिवेशन मिलता है। नेहा का मानना है कि काम से ही आगे काम मिलता है और यही उम्मीद हर कलाकार को आगे बढ़ाती है। उन्होंने कहा कि अगर हालिया प्रोजेक्ट्स के बाद नए मौके नहीं मिले, तो सवाल उठना लाज़मी है, लेकिन उम्मीद ही वो चीज़ है जो कलाकार को टिके रहने की ताकत देती है।

नेहा धूपिया की यह ईमानदार बातचीत उन तमाम कलाकारों के लिए आईना है, जो ग्लैमर के पीछे छुपे संघर्ष को रोज़ जीते हैं।

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