110 साल के बूढ़े के गेटअप में सुनील दत्त को देख Nargis Dutt भी हो गईं कंफ्यूज, जानें ‘हमराज’ के सेट का किस्सा
Nargis Dutt Interesting Story: ‘हमराज’ के सेट पर नरगिस दत्त सुनील दत्त को उनके शानदार मेकअप की वजह से पहचान नहीं पाईं। बाद में सच्चाई सामने आने पर उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट को घड़ी गिफ्ट की।
- Written By: सोनाली झा
नरगिस दत्त (फोटो-सोशल मीडिया)
Nargis Dutt Death Anniversary: भारतीय सिनेमा की दिग्गज एक्ट्रेस नरगिस दत्त की डेथ एनिवर्सरी पर उनसे जुड़ी कई यादें और किस्से एक बार फिर चर्चा में हैं। 3 मई 1981 को 51 साल की उम्र में एक्ट्रेस का निधन हो गया था, लेकिन उनकी अदाकारी और जीवन से जुड़े रोचक यादों को आज भी लोगों को प्रेरित करते हैं। इन्हीं में से एक किस्सा ऐसा है, जब वह अपने ही पति सुनील दत्त को पहचान नहीं पाईं थीं।
यह किस्सा फिल्म हमराज के सेट का है। उस दौरान सुनील दत्त को एक 110 साल के बूढ़े व्यक्ति का किरदार निभाना था। मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर ने उनका ऐसा लुक तैयार किया कि वह पूरी तरह असली बुजुर्ग लग रहे थे। इसी दौरान नरगिस दत्त सेट पर उनसे मिलने पहुंचीं। उन्होंने चारों तरफ देखा, लेकिन सुनील दत्त कहीं नजर नहीं आए। मजेदार बात यह रही कि वह उसी बूढ़े बाबा से भी पूछ बैठीं कि दत्त साहब कहां हैं, जबकि वह खुद सुनील दत्त ही थे।
दो घंटे बाद खुला राज
सुनील दत्त ने भी इस मौके पर मजाक जारी रखा और अपनी पहचान नहीं बताई। नरगिस काफी देर तक उनका इंतजार करती रहीं। करीब दो घंटे बाद मेकअप आर्टिस्ट ने सच्चाई बताई कि वही बुजुर्ग व्यक्ति दरअसल सुनील दत्त हैं। यह सुनकर नरगिस हैरान रह गईं। मेकअप की इस बारीकी और कमाल को देखकर नरगिस दत्त इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने मेकअप आर्टिस्ट पंडरी सुकर को अपनी कीमती घड़ी गिफ्ट कर दी। यह घटना आज भी बॉलीवुड के सबसे दिलचस्प किस्सों में गिनी जाती है।
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मदर इंडिया से बनीं अमर
नरगिस दत्त को असली पहचान फिल्म मदर इंडिया से मिली थी। इस फिल्म के दौरान ही सुनील दत्त ने उनकी जान बचाई थी, जिसके बाद दोनों के बीच प्यार हुआ और 1958 में शादी कर ली। नरगिस सिर्फ एक बेहतरीन एक्ट्रेस ही नहीं थीं, बल्कि समाजसेवा में भी सक्रिय रहीं। उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया गया और वह राज्यसभा की सदस्य भी बनीं। उनके नाम पर बना ‘नरगिस दत्त मेमोरियल कैंसर फाउंडेशन’ आज भी लोगों की मदद कर रहा है। नरगिस और सुनील दत्त की यह कहानी न सिर्फ उनके रिश्ते की गहराई दिखाती है, बल्कि उस दौर के सिनेमा की सादगी और खूबसूरती को भी दर्शाती है।
