
नाना पाटेकर सूरज बड़जात्या की इस हरकत से हो गए थे हैरान
मुंबई: सूरज बड़जात्या ने ‘हम आपके हैं कौन’, ‘हम साथ साथ हैं’ और ‘मैंने प्यार किया’ जैसी बेहतरीन फिल्में बॉलीवुड को दी है। इतना ही नहीं राजश्री प्रोडक्शन की अगर बात करें तो इसने ‘दोस्ती’, ‘नदिया के पार’, ‘प्रेम रतन धन पायो’ और ‘विवाह’ जैसी फिल्मों का निर्माण किया है। लेकिन सूरज बड़जात्या की सादगी पर खुद नाना पाटेकर फिदा हो गए थे। यह किस्सा खुद नाना पाटेकर ने एक इंटरव्यू के दौरान सुनाया और बताया कि सूरज बड़जात्या एक बार उनका जूता उठा लिए थे। लेकिन नाना पाटेकर ने उन्हें ऐसा करने से मना किया तो सूरज बड़जात्या ने जो उत्तर दिया था उसने नाना पाटेकर का दिल जीत लिया।
नाना पाटेकर ने लल्लनटॉप को दिए गए इंटरव्यू में बताया कि जब वह एन चंद्र की डायरेक्शन में बनी फिल्म ‘प्रतिघात’ के लिए काम कर रहे थे, तो सूरज बड़जात्या वहां असिस्टेंट डायरेक्टर के तौर पर काम करते थे। नाना पाटेकर ने बताया कि शूटिंग के दौरान सूरज अपने हाथों में मेरे जूते उठाकर ला रहे थे। इसे देखते ही मैंने उन्हें ऐसा करने से मना किया कि मैं खुद जूते ले सकता हूं। इस पर सूरज ने हाथ जोड़ते हुए कहा नहीं सर, नाना पाटेकर ने उनसे बोला कि तुम इतने बड़े आर्गेनाइजेशन के वारिस हो तुम ऐसा मत करो, यह सुनकर सूरज ने कहा मैं यहां असिस्टेंट हूं, मेरा यही काम है। सूरज बड़जात्या की इसी सादगी पर नाना पाटेकर अपना दिल हार बैठे।
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सूरज बड़जात्या के बारे में बात करते हुए नाना पाटेकर ने एक और दिलचस्प किस्सा सुनाया और बताया कि हाल ही में हमारी मुलाकात हुई थी। लेकिन मैं यह देखकर हैरान रह गया कि वह अभी भी पहले जैसा ही है। उस वक्त को याद करते हुए नाना पाटेकर ने कहा कई सालों बाद हम फंक्शन में मिले, जहां पर उसने मुझे आते देखा और हाथ जोड़कर झुक गया मैं यह देखकर हैरान था कि वह थोड़ा भी नहीं बदले हैं। बिल्कुल पहले की तरह सादगी भरे जीवन को जी रहे हैं। वह असल जिंदगी में ऐसे ही हैं वह अपनी अच्छाई का दिखावा नहीं करते। इसलिए जब मैं उनसे मिलता हूं तो मुझे बहुत अच्छा लगता है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि कम ही ऐसे लोग हैं जिनकी तारीफ नाना पाटेकर भी करते हैं और उन लोगों में सूरज बड़जात्या का नाम शामिल है।






