अक्किनेनी नागेश्वर राव को लड़कियों की तरह सजाती थी उनकी मां, नागार्जुन ने बताया अनसुना किस्सा
नागार्जुन इस समय गोवा में चल रहे भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में हिस्सा ले रहे हैं। इस दौरान उन्होंने अपने पिता अक्किनेनी नागेश्वर राव से जुड़ी बेहद दिलचस्प बातें बताई है। पढ़ें नागार्जुन में क्या कुछ बताया है।
- Written By: अनिल सिंह
पणजी: नागार्जुन की दादी और अक्किनेनी नागेश्वर राव की मां उन्हें लड़कियों की तरह सजाती थी। खुद इस बात का खुलासा नागार्जुन ने भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव 2024 में हिस्सा लेने के दौरान किया। उन्होंने बताया कि दादी मां का कला के साथ अनोखा रिश्ता था।
दिग्गज अभिनेता नागार्जुन ने शुक्रवार को कहा कि उनकी दादी हमेशा चाहती थीं कि उनकी एक बेटी हो और जब ऐसा नहीं हुआ तो वह उनके (नागार्जुन) पिता व तेलुगु सिनेमा के मशहूर अभिनेता अक्किनेनी नागेश्वर राव (एएनआर) को लड़कियों की तरह कपड़े पहनाया करती थीं। नागार्जुन ने एएनआर के नाम से मशहूर अपने पिता को याद करते हुए कहा कि वह (बालों की) चोटी में बहुत सुंदर लगते थे। अभिनेता ने कहा कि उन्हें लगता है कि शायद इसी वजह से एएनआर अभिनय के प्रति आकर्षित हुए होंगे।
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भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफआई) के दौरान संवाद सत्र में, अभिनेता ने एएनआर के बारे में कई किस्से साझा किए। एएनआर की जन्म शताब्दी सितंबर में मनाई गई थी। फिल्म समारोह में तेलुगु सिनेमा के दिग्गज कलाकार एएनआर की 1953 में आई फिल्म “देवदासु” का पुनर्स्थापित संस्करण भी प्रदर्शित किया गया है। नागार्जुन ने कहा, “वह एक बहुत ही साधारण से एक किसान परिवार से संबंध रखते थे। उनका जन्म आंध्र प्रदेश (तत्कालीन मद्रास रेजीडेंसी का हिस्सा) के पास एक गांव में हुआ था, जहां बिजली नहीं होती थी।” उन्होंने कहा, “मेरी दादी हमेशा चाहती थीं कि उनके घर में बच्ची का जन्म हो। वह (महिलाओं की तरह) चोटियां बांधकर उन्हें (एएनआर को) तैयार करती थीं।
वह बहुत सुंदर और प्यारे दिखते थे। हमारे पास अब भी लड़की के रूप में उनकी एक तस्वीर है। वह बिल्कुल मेरी बड़ी बहन सत्या जैसे दिखते थे। मुझे लगता है कि यही वो चीजें रही होंगी, जिन्होंने उन्हें अभिनय के लिए प्रेरित किया होगा।” एएनआर ने सात दशक के करियर में “विप्र नारायण”, “तेनाली कृष्णा”, “श्री रामदासु”, “लैलामजनू” और “बालाराजू” जैसी विभिन्न फिल्में कीं। एएनआर का 22 जनवरी 2014 को हैदराबाद में निधन हो गया था।
