रानी मुखर्जी, डेजी शाह (फोटो-सोर्स,सोशल मीडिया)
Bollywood Celebs Makar Sankranti Celebration: मकर संक्रांति का त्योहार हर साल नई शुरुआत, फसल की खुशी और रिश्तों की मिठास का एहसास कराता है। इस दिन पतंगों से भरा आसमान, घरों में बने तिल-गुड़ के पकवान और परिवार के साथ बिताया वक्त त्योहार को खास बना देता है। आम लोगों की तरह बॉलीवुड सेलेब्स के लिए भी मकर संक्रांति भावनाओं, यादों और सोच से जुड़ा त्योहार है। इस बार श्रेयस तलपड़े, डेज़ी शाह और रानी मुखर्जी ने इस दिन से जुड़े अपने अनुभव दिल से साझा किए।
श्रेयस तलपड़े के लिए मकर संक्रांति सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भावनाओं से भरा दिन है। पतंग देखते ही उन्हें अपने पिता की सबसे ज्यादा याद आती है, जिन्हें यह त्योहार बेहद प्रिय था। श्रेयस बताते हैं कि उनके पिता मकर संक्रांति पर किसी बच्चे की तरह उत्साहित हो जाते थे। पतंग उड़ाने से लेकर पेंच लड़ाने और मंजे की बारीकियां सब कुछ उन्होंने अपने पिता से ही सीखा। परिवार के साथ हर साल वडोदरा जाना, सुबह से रात तक छत पर पतंग उड़ाना और कैंडल बैलून देखना उनकी सबसे खूबसूरत यादों में शामिल है।
श्रेयस ने शादी के बाद की अपनी पहली मकर संक्रांति को भी याद किया। उस समय वे आंध्र प्रदेश के तेनाली में फिल्म ‘इकबाल’ की तैयारी कर रहे थे, जबकि उनकी पत्नी दीप्ति मुंबई में थीं। न पतंगें थीं और न ही त्योहार जैसा माहौल। तभी उन्हें एहसास हुआ कि मकर संक्रांति की असली खुशी अपनों के साथ होने में ही है।
डेजी शाह के लिए मकर संक्रांति बचपन की मीठी यादों से जुड़ी है। छत पर रिश्तेदारों की भीड़ और पापा के साथ पतंग उड़ाने की मस्ती आज भी उनके दिल के करीब है। हालांकि अब उनकी सोच बदल चुकी है। पतंग उड़ाने से पक्षियों और जानवरों को होने वाले नुकसान को लेकर वह जागरूक हैं और इसके खिलाफ खुलकर अपनी बात रखती हैं। फिर भी त्योहार की गर्माहट और साथ रहने की भावना उनके लिए आज भी खास है।
ये भी पढ़ें- ‘लाफ्टर शेफ्स’ छोड़ विवियन डीसेना नए किरदार में दिखाने को तैयार, फैंस में बढ़ी उत्सुकता
रानी मुखर्जी ने मकर संक्रांति गुजरात में मनाई। ‘मर्दानी 3’ के प्रमोशन के दौरान वह अहमदाबाद पहुंचीं और वहां पतंग उड़ाते हुए नजर आईं। रानी का कहना है कि मकर संक्रांति जैसे शुभ दिन पर गुजरात में होना और दर्शकों का प्यार मिलना उनके लिए बेहद खास अनुभव है। उनके मुताबिक यह त्योहार परिवार, अच्छा खाना और पल को पूरी तरह जीने का मौका देता है और यही इसकी असली खूबसूरती है।