
लव ऑल (Photo Credits: File Photo)
फिल्म: ‘लव ऑल’
कास्ट: के के मेनन, स्वस्तिका मुखर्जी, श्रीस्वरा, सुमित अरोड़ा, आर्क जैन, दीप रमभिया, अतुल श्रीवास्तव
निर्देशक: सुधांशु शर्मा
रेटिंग : 3.5 स्टार्स
कहानी: के के मेनन स्टाररर ये फिल्म इस सप्ताह रिलीज हुई जोकि एक स्पोर्ट्स ड्रामा फिल्म है। बैडमिंटन की बैकग्राउंड पर आधारित इस में फिल्म लव ऑल में के.के. मेनन ने एक ऐसे पिता का किरदार निभाया है जो अपनी जवानी में बेहतरीन बैडमिंटन खिलाड़ी होता है लेकिन उसके जीवन में ऐसी परिस्थितियां आती हैं जहां उसे बैडमिंटन छोड़ना पड़ता है। उसे खेल से इतनी नफरत हो जाती है कि वह अपने बेटे को भी स्पोर्ट्स से दूर रखता है। लेकिन खुशनसीबी से स्कूल में उसका बेटा आदित्य बहुत ही अच्छा बैडमिंटन खिलाड़ी होता है। कहानी में ट्विस्ट उस वक्त आता है जब वह अपने बेटे को बैडमिंटन में चैंपियन बनाने की ट्रेनिंग देने का फैसला करता है। क्या उसका बेटा चैंपियन बन पाता है या नहीं? उसके लिए आपको फिल्म देखनी होगी।
अभिनय: फिल्म में कलाकारों के अभिनय की बात है तो पिक्चर के के मेनन इसकी जान हैं। पूरी फिल्म में वह छाए हुए हैं। एक छोटे शहर के आम आदमी के रूप में, फिर बैडमिंटन कोच के रोल में उन्होंने जिस प्रकार बारीकी से अपनाया है, वह वाकई प्रशंसनीय है। उनके अलावा स्वस्तिका मुखर्जी, श्रीस्वरा, सुमित अरोड़ा, आर्क जैन, दीप रमभिया, अतुल श्रीवास्तव, रॉबिन दास, आलम और माजेल व्यास ने भी अपनी भूमिकाओं के द्वारा बैडमिंटन के खेल को जीवंत बनाया है। के के मेनन के बेटे आदित्य के रोल में आर्क जैन ने भी इम्प्रेस किया।
म्यूजिक: बैकग्राउंड म्युज़िक ने उत्साही और भावनाओं से भरे सीन को और अधिक असरदार बनाया है। फिल्म की कथा धरती से जुड़ी हुई है, यही कारण है कि यह आम लोगों से तुरंत कनेक्ट हो जाने की क्षमता रखती है और इसके म्यूजिक ने इसके रोमांच को और बढ़ा दिया है।
फाइनल टेक: लेखक निर्देशक सुधांशु शर्मा ने फिल्म लव ऑल को इतनी अच्छी तरह पेश किया है कि आप एक मिनट के लिए भी बोरियत महसूस नहीं करते और कहानी बहती नदी की तरह चलती रहती है। पिता-पुत्र के रिश्ते को दर्शाने के साथ यह फिल्म बैडमिंटन के रोमांचक खेल को प्रभावी रूप से दिखाती है। फिल्म युवाओं के ख्वाबो और संघर्षों के बारे में बात करती है। साथ ही खेल में घुस आई राजनीति को भी यह फिल्म तीखे स्वर में दिखाती है। ‘लव ऑल’ प्यार, परिवार, सपनों, अनकहे जज़्बात और एक सफल खिलाड़ी बनने की राह में हर कदम पर सहयोग देने वालों को अनूठे ढंग से चित्रित करती है। मंज़िल हासिल करने की राह में तमाम चुनौतियों का सामना करना और जुनून से अपने सपने को साकार करना, इतना आसान नहीं होता मगर असम्भव भी नहीं होता है। फिल्म के गीत भी काफी सिचुएशनल, मोटिवेशनल हैं जिनके लिरिक्स दिल को छू जाते हैं और कहानी को आगे ले जाते हैं। बेशक यह फिल्म सभी को देखनी चाहिए, बच्चों को भी, पैरेंट्स को भी और टीचर्स को भी।






