Stop Comparing Mihir To Lord Ram: क्योंकि सास भी कभी बहू थी में राम से मिहिर की तुलना पर गुस्साए लोग

Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi Mihir Tulsi: 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में मिहिर की तुलना भगवान राम से करने पर बवाल। यूजर्स ने मिहिर को टॉक्सिक बताया और उनके अफेयर के जुर्म याद दिलाए।
Stop Comparing Mihir To Lord Ram: क्योंकि सास भी कभी बहू थी में राम से मिहिर की तुलना पर गुस्साए लोग
'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' में बवाल: मिहिर की तुलना भगवान राम से करने पर भड़के दर्शक
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Kyunki Saas Bhi Kabhi Bahu Thi Mihir Tulsi: एकता कपूर का पॉपुलर टीवी सीरियल 'क्योंकि सास भी कभी बहू थी' का दूसरा सीजन इन दिनों टीआरपी लिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है, लेकिन इसके हालिया एपिसोड ने दर्शकों को नाराज कर दिया है। दशहरा थीम पर आधारित एक सीक्वेंस में, अमर उपाध्याय द्वारा निभाए गए किरदार मिहिर वीरानी की तुलना भगवान राम से की गई, जिसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी जमकर आलोचना हो रही है। यूजर्स ने इस तुलना को "बेतुका और अपमानजनक" बताया है, साथ ही मिहिर के उन सारे टॉक्सिक और मैनिपुलेटिव कृत्यों को गिना दिया है, जो उसने अपनी पत्नी तुलसी (स्मृति ईरानी) के साथ किए थे।

यह विवाद तब शुरू हुआ जब लेटेस्ट एपिसोड में मिहिर अपनी पत्नी तुलसी से झगड़ा करने के बाद दशहरा हवन के लिए घर लौटता है। जैसे ही वह घर में प्रवेश करता है, बैकग्राउंड में भगवान राम का भजन 'राम राम जय राजा राम, राम राम जय सीता राम' बजने लगता है, और तुलसी-मिहिर को बार-बार महिमामंडित करते हुए दिखाया जाता है। इस सीक्वेंस ने दर्शकों को भड़का दिया, और उन्होंने मेकर्स से भगवान से यह गलत तुलना करना बंद करने को कहा।

यूजर्स ने मिहिर को बताया 'टॉक्सिक लीड'

सोशल मीडिया पर स्मृति ईरानी और अमर उपाध्याय की यह क्लिप तेज़ी से ट्रेंड करने लगी। इंटरनेट यूजर्स ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और मिहिर के किरदार की कड़ी आलोचना की। एक यूजर ने लिखा कि मिहिर अब तक लिखे गए सबसे टॉक्सिक और मैनिपुलेटिव किरदारों में से एक है, लेकिन इसके बावजूद उसे महान आत्मा की तरह महिमामंडित किया जाता है। उन्होंने कहा, "उसकी तुलना भगवान राम से करना न सिर्फ गलत है, बल्कि भगवान के मूल्यों का भी अपमान है।"

याद दिलाई मिहिर के अफेयर और बच्चे की कहानी

दर्शकों ने उस समय की कहानी को भी याद किया जब मिहिर ने तुलसी के साथ धोखा किया था। एक यूजर ने गुस्से में लिखा, "सब कैसे भूल गए कि इस आदमी का सचमुच किसी दूसरी औरत के साथ अफेयर था और एक बच्चा भी था? भला कौन सी दुनिया उसे एक आदर्श पति बनाती है? तुलसी इससे बेहतर की हकदार है।" दर्शकों को इस बात पर भी बुरा लगा कि मिहिर और तुलसी को पहले भी राम-सीता की जोड़ी कहा जाता था, जबकि मिहिर का किरदार पूरी तरह से आदर्श मूल्यों के विपरीत था।

मेकर्स की 'सेलेक्टिव मेमोरी' पर सवाल

कई यूजर्स ने मेकर्स और दर्शकों की 'सेलेक्टिव मेमोरी' पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि मिहिर जैसा चरित्र, जिसने अपनी पत्नी को धोखा दिया, को कैसे भगवान राम के गुणों के साथ जोड़ा जा सकता है। यूजर्स ने जोर देकर कहा कि मिहिर का चरित्र 'टॉक्सिक मेल लीड्स' में से एक है, और उनके इस तरह के कृत्य को छिपाकर उन्हें पूजनीय दिखाना गलत नैरेटिव सेट करता है, खासकर जब धार्मिक थीम का उपयोग किया जा रहा हो।

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