बांग्लादेश में कंगना रनौत की इमरजेंसी पर क्यों लगा बैन, मुजीबुर्रहमान की हत्या के सीन की वजह से लगी पाबंदी!
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी के प्रदर्शन पर बांग्लादेश में पाबंदी लग गई है। कई बार पोस्टपोन होने के बाद आखिरकार यह फिल्म 17 जनवरी को रिलीज होने जा रही है। लेकिन बांग्लादेश में यह फिल्म नहीं दिखाई जाएगी।
- Written By: अनिल सिंह
कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पर बांग्लादेश में क्यों लगी पाबंदी?
मुंबई: कंगना रनौत की फिल्म कई बार पोस्टपोन होने के बाद आखिरकार 17 जनवरी को रिलीज हो रही है, लेकिन कंगना रनौत की फिल्म इमरजेंसी पड़ोसी मुल्क बांग्लादेश में रिलीज नहीं हो पाएगी। फिल्म के रिलीज होने से पहले ही इस पर पाबंदी लगा दी गई है। दरअसल फिल्म में इंदिरा गांधी के जीवन को दिखाया गया है। फिल्म में बांग्लादेश से जुड़े भी कई सीन हैं। खबर के मुताबिक फिल्म में शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या का दृश्य है। जिसकी वजह से फिल्म को लेकर बांग्लादेश में विरोध हो सकता है और भारत और बांग्लादेश के संबंध जो पहले से तनावपूर्ण चल रहे हैं और खराब स्थिति में पहुंच सकते हैं। ऐसे में बांग्लादेश ने इस फिल्म के प्रदर्शन पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इमरजेंसी फिल्म में साल 1971 के बांग्लादेश स्वतंत्रता संग्राम में भारतीय सेना और इंदिरा गांधी की भूमिका और मुजीबुर्रहमान के समर्थन को दिखाया गया है। मुजीबुर्रहमान को बांग्लादेश का राष्ट्रपिता कहा जाता है। फिल्म में बांग्लादेशी चरमपंथियों के हाथों शेख मुजीबुर्रहमान की हत्या को दिखाया गया है। ऐसे में इस सीन की वजह से बांग्लादेश में तनाव का माहौल पैदा हो सकता है। आपको बता दें कि मुजीबुर्रहमान ने बांग्लादेश को आजाद करने में इंदिरा गांधी की भूमिका के लिए उनका समर्थन किया था। वह इंदिरा गांधी को देवी दुर्गा कहकर बुलाते थे।
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बांग्लादेश में शेख हसीना के तख्तापलट के बाद से तनावपूर्ण माहौल चल रहा है। भारत के साथ बांग्लादेश का राजनीतिक संबंध बेहद सुगम नहीं कहा जा सकता। ऐसे में भारत की तरफ से भी बांग्लादेश में कंगना रनौत की इमरजेंसी पर लगी पाबंदी को अप्रत्यक्ष तौर पर समर्थन की दृष्टि से ही देखा जा रहा है। आपको बता दें कि इंदिरा गांधी ने सन 1971 में हुए पूर्वी पाकिस्तान और पश्चिमी पाकिस्तान के संघर्ष में अहम भूमिका निभाई थी और पाकिस्तान के चंगुल से बांग्लादेश को आजाद कराने में मजबूती से सहयोग दिया था और इसी की वजह से भारत को पाकिस्तान के साथ 1971 में युद्ध भी करना पड़ा।
