करण जौहर और जान्हवी कपूर (फोटो- सोशल मीडियाा)
Karan Johar Statement: फिल्म इंडस्ट्री में टैलेंट मैनेजमेंट को लेकर अक्सर चर्चाएं होती रहती हैं, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है। हाल ही में निर्माता-निर्देशक करण जौहर का एक बयान सामने आया है, जिसने इंडस्ट्री में हलचल मचा दी है। उन्होंने एक पॉडकास्ट इंटरव्यू के दौरान कहा कि इस प्रतिस्पर्धी बिजनेस में “कोई भी वफादार नहीं होता।
करण जौहर के इस बयान को कई लोग जान्हवी कपूर से जोड़कर देख रहे हैं, जिन्होंने कुछ समय पहले अपनी टैलेंट मैनेजमेंट एजेंसी बदली थी। दरअसल, जान्हवी कपूर पहले करण जौहर की कंपनी धर्मा कॉर्नरस्टोन एजेंसी से जुड़ी हुई थीं। खबरों के मुताबिक, कुछ महीनों पहले उन्होंने दूसरी एजेंसी का रुख कर लिया। हालांकि इंडस्ट्री में एजेंसी बदलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन करण के हालिया बयान के बाद इसे अलग नजरिए से देखा जा रहा है।
एक यूट्यूब पॉडकास्ट में बातचीत के दौरान करण जौहर ने कहा कि टैलेंट मैनेजमेंट एक थैंकलेस जॉब है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हर दो साल में लोग एक एजेंसी से दूसरी एजेंसी में चले जाते हैं। इस बिजनेस में कोई वफादार नहीं है। करण ने आगे बताया कि कलाकार अक्सर असुरक्षा की भावना से घिरे रहते हैं और उन्हें लगता है कि समय के साथ चीजें बदल रही हैं, इसलिए वे नए विकल्प तलाशते रहते हैं।
करण ने यह भी कहा कि आप किसी टैलेंट पर सालों मेहनत करते हैं, लेकिन अचानक वे कहीं और चले जाते हैं। फिर जब वहां चीजें उम्मीद के मुताबिक नहीं होतीं, तो वे वापस आने की कोशिश करते हैं। उन्होंने इसे एक दुष्चक्र बताया। उनके मुताबिक, टैलेंट मैनेजमेंट का 90 प्रतिशत हिस्सा कलाकारों के अहंकार और असुरक्षा को संभालने में चला जाता है, जो आसान नहीं है।
बातचीत के दौरान करण ने यह भी स्वीकार किया कि केवल कमीशन के आधार पर यह बिजनेस चलाना मुश्किल है। इसलिए अब कई एजेंसियां अपने कलाकारों के साथ इक्विटी पार्टनरशिप की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। करीब 31 साल से इंडस्ट्री में सक्रिय करण जौहर ने यह भी कहा कि अब उनकी खुशी या दुख सफलता और असफलता पर निर्भर नहीं करता। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता, तो वह इमोशनल रूप से टूट जाते।