धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं राज बब्बर की बेटी जूही, बोलीं- मेरे पापा के लिए बड़े भाई जैसे थे
Juhi Babbar Post: धर्मेंद्र के निधन के बाद जूही बब्बर ने लिखा कि बचपन में कुल्लू-मनाली में पहली बार धर्मेंद्र का स्नेह महसूस किया, जब उन्होंने डरती जूही को पीठ पर बैठाकर नदी के पास ले जाकर भरोसा दिया।
- Written By: सोनाली झा
धर्मेंद्र को याद कर भावुक हुईं राज बब्बर की बेटी जूही
Juhi Babbar Emotional Post on Dharmendra: दिग्गज एक्टर धर्मेंद्र के निधन के बाद पूरे फिल्म जगत में शोक की लहर है। इसी बीच, एक्टर राज बब्बर की बेटी और एक्ट्रेस जूही बब्बर ने अपने दिल के बेहद करीब यादों को साझा करते हुए एक भावुक पोस्ट लिखी है। उन्होंने धरम जी के साथ बिताए बचपन के पलों को याद किया और बताया कि उनका रिश्ता केवल परिवार का नहीं, बल्कि उससे कहीं गहरा था।
जूही ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें उन्होंने धर्मेंद्र को समर्पित इमोशनल नोट लिखा। उन्होंने बताया कि जब वह बहुत छोटी थीं, तब अपनी मां और भाई गॉर्की के साथ कुल्लू-मनाली में पापा राज बब्बर के शूट पर गई थीं। वहीं पहली बार उन्होंने धर्मेंद्र का स्नेह महसूस किया था। जूही लिखती हैं कि मुझे याद है, आप देख रहे थे कि मैं बहती नदी से कितनी डर रही थी। तभी आपने मुझे अपनी पीठ पर बैठाया और पानी के पास ले गए। वह पल मेरे दिल में हमेशा के लिए बस गया।
जूही बब्बर ने कही ये बात
आगे जूही बताती हैं कि वर्षों बाद, जब उन्होंने अपना लोकप्रिय नाटक ‘विद लव आपकी सैयारा’ बनाया, तो उसी बचपन की याद ने उन्हें धर्मेंद्र को कास्ट करने की प्रेरणा दी। उन्होंने लिखा कि जब मैं ब्रेक के बाद लौटकर लिखने और निर्देशन करने लगी, तो मेरे मन में सिर्फ एक चेहरा आया आपका। सैयारा और उसके पिता के रिश्ते को आपसे बेहतर कोई निभा ही नहीं सकता था।
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जूही बब्बर का इमोशनल नोट
उन्होंने यह भी बताया कि नाटक के लिए जब उन्होंने धर्मेंद्र को कॉल किया, तो उन्होंने बिना किसी झिझक के तुरंत हां कर दी थी। जूही लिखती हैं कि आपने बाबा का किरदार निभाया था और यह जगह कोई नहीं ले सकता। आप हमेशा सैयारा के बाबा रहेंगे। अपने नोट में जूही यह भी बताती हैं कि धर्मेंद्र की मौजूदगी ही स्क्रीन पर एक जादू पैदा कर देती थी, उनकी हंसी, उनकी भावनाएं और उनकी खामोशी, सब इतना गहरा कि उसकी तुलना ही नहीं।
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राज बब्बर के लिए बड़े भाई जैसे थे धर्मेंद्र
अंत में जूही ने लिखा कि घर में उन्होंने सबसे ज्यादा जिस नाम को सुना, जिसे उनके पापा ने सबसे ज्यादा सम्मान और प्यार दिया, वह धर्मेंद्र ही थे। वह उनके पिता राज बब्बर के लिए बड़े भाई जैसे थे। जूही ने स्वीकार किया कि धर्मेंद्र का जाना उनके परिवार के लिए ऐसी कमी है, जिसे कोई भर नहीं सकता।
