चॉल में पले-बढ़े जैकी श्रॉफ, दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर करते थे गुजारा, इस फिल्म ने रातों-रात बदली किस्मत

Jackie Shroff Struggle Story: जैकी श्रॉफ का बचपन मुंबई की चॉल में संघर्षों के बीच बीता। दीवारों पर पोस्टर चिपकाकर और मूंगफली बेचकर उन्होंने गुजारा किया। भाई की दर्दनाक मौत ने उन्हें जग्गू दादा बनाया।
Jackie Shroff Birthday Special real life Struggle Story chawl life
जैकी श्रॉफ (फोटो- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Jackie Shroff Birthday Special Story: बॉलीवुड के दमदार अभिनेता जैकी श्रॉफ आज अपना 69वां जन्मदिन मना रहे हैं। 2 फरवरी 1957 को साउथ मुंबई के ग्रांट रोड इलाके की एक साधारण सी चॉल में जन्मे जैकी श्रॉफ का असली नाम जयकिशन श्रॉफ है। पिता गुजराती थे, जबकि मां का ताल्लुक कजाकिस्तान से था। जैकी की जिंदगी संघर्ष, दर्द और आत्मसम्मान की मिसाल रही है, जिसने उन्हें आम चॉल के लड़के से बॉलीवुड का ‘जग्गू दादा’ बना दिया।

जैकी के ‘जग्गू दादा’ नाम के पीछे एक बेहद दर्दनाक कहानी छिपी है। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया था कि उनका एक बड़ा भाई था, जिसकी 17 साल की उम्र में मौत हो गई थी। भाई अपनी बस्ती का असली ‘जग्गू दादा’ था, जो हर किसी की मदद के लिए तैयार रहता था। एक दिन समुद्र में डूबते शख्स को बचाने के दौरान भाई खुद डूब गया। उस वक्त जैकी सिर्फ 10 साल के थे और अपने भाई को बचा नहीं पाने का अफसोस जीवनभर उनके साथ रहा। इसी घटना के बाद जैकी ने तय किया कि वे भी अपनी बस्ती के लोगों की रक्षा करेंगे और यहीं से ‘जग्गू दादा’ की पहचान बनी।

पोस्टर चिपकाकर कमाते थे पैसे

जैकी श्रॉफ का बचपन भी आसान नहीं था। उनके पिता कभी एक रईस पर्ल ट्रेडर परिवार से ताल्लुक रखते थे, लेकिन बिजनेस में घाटा लगने के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया। इसके बाद पूरा परिवार एक छोटे से कमरे में रहने लगा। हालात ऐसे थे कि जैकी ने छोटी उम्र में ही कमाई शुरू कर दी। वे फिल्मों और चुनाव के समय दीवारों पर पोस्टर चिपकाया करते थे, जिसके बदले उन्हें चार आना मिलता था। इसके अलावा 15 अगस्त और 26 जनवरी पर मूंगफली और चना बेचकर भी पैसे कमाते थे।

हीरो ने बना दिया जैकी श्रॉफ को स्टार

साल 1983 में निर्देशक सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ ने जैकी श्रॉफ की किस्मत बदल दी। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और जैकी रातों-रात स्टार बन गए। हालांकि स्टारडम मिलने के बावजूद जैकी जमीन से जुड़े रहे। ‘हीरो’ की सफलता के बाद भी वे कई साल तक चॉल में ही रहे और पब्लिक बाथरूम की लाइन में खड़े होते थे। करीब चार दशकों के करियर में जैकी श्रॉफ ने 220 से ज्यादा फिल्मों में काम किया है। ‘कर्मा’, ‘राम लखन’, ‘खलनायक’, ‘बॉर्डर’ और ‘रंगीला’ जैसी फिल्मों से उन्होंने खुद को बॉलीवुड का सच्चा ‘जग्गू दादा’ साबित किया।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com