पिता ने पहले ही कर दी थी भविष्यवाणी, बस स्टैंड से शुरू हुआ जैकी श्रॉफ का सुपरस्टार सफर

Jackie Shroff Life Journey: जैकी श्रॉफ के पिता ने पहले ही स्टार बनने की भविष्यवाणी कर दी थी। बस स्टैंड पर मिली मॉडलिंग की सलाह ने उनकी किस्मत बदल दी और ‘हीरो’ से वह रातों-रात स्टार बन गए।
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जैकी श्रॉफ (फोटो- सोशल मीडिया)
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Jackie Shroff Struggle Story: हिंदी सिनेमा के ‘भिडू’ यानी जैकी श्रॉफ आज अपना नाम बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेताओं में शुमार कर चुके हैं, लेकिन उनकी यह कामयाबी किसी आसान रास्ते से नहीं आई। 1 फरवरी को अपना 69वां जन्मदिन मनाने जा रहे जैकी श्रॉफ का जीवन संघर्ष, मेहनत और किस्मत के अनोखे मेल की मिसाल है। बहुत कम लोग जानते हैं कि उनके करियर की दिशा एक बस स्टैंड पर मिली सलाह से पूरी तरह बदल गई थी।

जैकी श्रॉफ का असली नाम जयकिशन काकूभाई श्रॉफ है। उनका बचपन मुंबई की एक चॉल में गरीबी के साए में बीता। दो वक्त की रोटी जुटाना भी परिवार के लिए आसान नहीं था। उनके पिता काकूभाई श्रॉफ कभी बिजनेसमैन थे, लेकिन नुकसान के बाद उन्होंने ज्योतिष का सहारा लिया। पिता को पूरा भरोसा था कि उनका बेटा एक दिन बड़ा स्टार बनेगा, लेकिन उस समय हालात ऐसे थे कि जैकी खुद इस भविष्यवाणी पर यकीन नहीं कर पाते थे।

पिता ने की थी भविष्यवाणी

पढ़ाई में जैकी की खास रुचि नहीं थी। पिता के कहने पर स्कूल तो गए, लेकिन मन कभी नहीं लगा। एक दिन उन्होंने पिता से साफ कह दिया कि वह पढ़ाई छोड़ना चाहते हैं। इस पर पिता ने नाराज होने के बजाय मुस्कुराकर कहा कि कोई बात नहीं, वैसे भी तुम्हें एक्टर बनना है। यह बात उस वक्त मजाक जैसी लगी, लेकिन आगे चलकर यही शब्द सच साबित हुए।

जैकी श्रॉफ ने की छोटी-छोटी नौकरियां

परिवार की जिम्मेदारियों के चलते जैकी ने छोटी-छोटी नौकरियां कीं। कभी मूंगफली बेची, कभी होटल में शेफ के तौर पर काम किया और कभी एक विज्ञापन एजेंसी में नौकरी की। इसी दौरान एक दिन बस स्टैंड पर एक अनजान शख्स ने उनके लुक की तारीफ की और मॉडलिंग करने की सलाह दी। यही सलाह जैकी की जिंदगी का टर्निंग पॉइंट बन गई।

जैकी श्रॉफ का पहला मॉडलिंग असाइनमेंट

जैकी को पहला मॉडलिंग असाइनमेंट नेशनल ऐड कंपनी से मिला, जिसके लिए उन्हें 7500 रुपये मिले। इसके बाद विज्ञापनों का सिलसिला शुरू हुआ और 1982 में देव आनंद की फिल्म ‘स्वामी दादा’ से उन्होंने फिल्मों में कदम रखा। हालांकि पहली फिल्म में उन्हें ज्यादा पहचान नहीं मिली, लेकिन सुभाष घई की फिल्म ‘हीरो’ ने उनकी किस्मत बदल दी।

जैकी श्रॉफ का करियर

‘हीरो’ की शूटिंग के दौरान जैकी का भयानक एक्सीडेंट हुआ, जिसमें उनकी नाक और जबड़ा टूट गया। उन्हें डर था कि फिल्म हाथ से निकल जाएगी, लेकिन सुभाष घई ने उन पर भरोसा रखा। फिल्म सुपरहिट साबित हुई और जैकी श्रॉफ रातों-रात स्टार बन गए। इसके बाद ‘कर्मा’, ‘त्रिमूर्ति’, ‘युद्ध’, ‘आज का दौर’ जैसी कई हिट फिल्मों ने उन्हें बॉलीवुड का मजबूत स्तंभ बना दिया।

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