ईशा कोप्पिकर ने सुनाया 14 थप्पड़ का किस्सा, नागार्जुन बोल रहे थे सॉरी

एक्ट्रेस Isha Koppikar ने हैरान करने वाला खुलासा किया है और बताया है कि चंद्रलेखा फिल्म के दौरान नागार्जुन ने उन्हें सच में थप्पड़ मारा था, इसके पीछे उन्होंने जो कारण बताया वह हैरान करने वाला है।
ईशा कोप्पिकर ने सुनाया 14 थप्पड़ का किस्सा, नागार्जुन बोल रहे थे सॉरी
शूटिंग में ईशा कोप्पिकर ने असल में खाए थे थप्पड़, 27 साल बाद बताया हैरान करने वाला किस्सा
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Isha Koppikar: बॉलीवुड एक्ट्रेस ईशा कोप्पिकर इस समय फिल्मों से दूर हैं, लेकिन उनका एक इंटरव्यू चर्चा का विषय बन गया है। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने 1998 में आई फिल्म चंद्रलेखा का जिक्र किया और बताया कि फिल्म की शूटिंग के दौरान उन्होंने नागार्जुन से सच में थप्पड़ खाए थे। बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि उन्हें असली मेथड एक्टिंग करनी पसंद है और वह अपने रोल को लेकर बहुत कमिटेड थी, इसलिए उन्होंने ऐसा फैसला किया था।

हिंदी रश से की गई बातचीत में ईशा कोप्पिकर ने खुद की पर्सनल और फिल्मी जिंदगी को लेकर ढेर सारी बातें की। इंटरव्यू के दौरान उन्होंने एक चौंकाने वाला खुलासा किया और बताया कि वह ऐसी एक्ट्रेस है जो काम को लेकर बहुत ज्यादा कमिटेड रहती हैं, उन्हें मेथड एक्टिंग करना पसंद है। इसका मतलब होता है कि सीन को ज्यादा नेचुरल बनाने के लिए उसमें असल चीजों का इस्तेमाल किया जाए और इसी वजह से उन्होंने सच में थप्पड़ खाने के विकल्प को चुना था।

ईशा को कैमरे के सामने नहीं आता गुस्सा

ईशा कोप्पिकर ने बातचीत के दौरान बताया कि जब नागार्जुन ने उन्हें धीरे से थप्पड़ जड़ा तो उन्हें वो फील नहीं हो रहा था और उन्होंने और जोर से थप्पड़ मारने की अपील की। इस पर नागार्जुन ने उनसे पूछा क्या तुम श्योर हो? ईशा ने फिर उन्हें समझाया कि उन्हें सही भाव दिखाने के लिए थप्पड़ का एहसास होना बहुत जरूरी है। वह थप्पड़ को फील नहीं कर पा रही हैं। इस तरह नागार्जुन ने उन्हें 14 बार सच में थप्पड़ जड़ा था।

नागार्जुन ईशा से मांग रहे थे माफी

ईशा ने यह भी बताया कि सीन पूरा होने के बाद वह मुझसे माफी मांग रहे थे। तब मैंने उन्हें कहा, कि इसमें आपको सॉरी बोलने की जरूरत नहीं है, यह विकल्प मैं खुद चुना था। ईशा ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया और बताया कि मैं असल लाइफ में गुस्सैल हूं, लेकिन कैमरे के सामने मुझे गुस्सा नहीं आता, पता नहीं क्या प्रॉब्लम है। उसी चक्कर में मैंने 14 थप्पड़ खा लिए और आखिर वाले थप्पड़ के बाद मेरे चेहरे पर निशान पड़ गया था, लेकिन उन्होंने जो मेथड एक्टिंग का रास्ता अपनाया फिल्म को उससे फायदा भी हुआ। चंद्रलेखा फिल्म को दर्शकों ने काफी पसंद किया था।

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