HAQ Teaser: यामी गौतम बनीं महिला अधिकारों की आवाज, इमरान हाशमी संग दिखा कोर्टरूम ड्रामा
HAQ Teaser Out: यामी गौतम और इमरान हाशमी स्टारर फिल्म हक का टीजर रिलीज हो चुका है, जिसने दर्शकों में उत्साह बढ़ा दिया है। यह फिल्म 1985 के ऐतिहासिक शाह बानो केस से प्रेरित है।
- Written By: सोनाली झा
यामी गौतम बनीं महिला अधिकारों की आवाज
HAQ Teaser Release: फिल्म ‘हक’ का टीजर रिलीज हो गया है। इसने दर्शकों के बीच खासा उत्साह और चर्चा पैदा कर दी है। यामी गौतम और इमरान हाशमी की जोड़ी पहली बार इस फिल्म में साथ नजर आने जा रही है, जिसकी वजह से फिल्म को लेकर फैंस की उम्मीदें बढ़ गई हैं। टीजर में यामी गौतम एक सशक्त और जुझारू महिला के रूप में दिख रही हैं, जो अपने हक के लिए अदालत की लड़ाई लड़ रही हैं।
इस फिल्म की कहानी साल 1985 के प्रसिद्ध शाह बानो बनाम अहमद खान केस से प्रेरित है, जो महिला अधिकारों और सामाजिक न्याय की दिशा में एक मील का पत्थर माना जाता है। फिल्म में यामी गौतम शाह बानो का किरदार निभा रही हैं, जबकि इमरान हाशमी उनके पति मोहम्मद अहमद खान की भूमिका में दिखाई देंगे। फिल्म 7 नवंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
हक का टीजर रिलीज
टीजर की शुरुआत में इमरान हाशमी यामी गौतम से कहते हैं कि अगर तुम सही मुसलमान होती और अगर नेक-वफादार बीवी होती तो ऐसी बात कभी नहीं करती। इस पर यामी गौतम कहती हैं कि हम सिर्फ शाजिया बानो हैं। हमारी लड़ाई सिर्फ एक चीज की रही है। हमारे हक की। यामी का यह नया अवतार काफी दमदार और प्रभावशाली लग रहा है। इसमें उनके किरदार की कहानी दिखाई गई है, जो अपने पति से परेशान है। उसके हक को दबाया जा रहा है। वह इंसाफ की मांग कर रही है। वह सुप्रीम कोर्ट तक पहुंची है। वह अदालत से कहती है कि उसे उसका हक दिया जाए। लेकिन, अदालत में उनसे कहा जाता है कि आपको किसी काजी के पास जाना चाहिए।
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घर की दहलीज से सुप्रीम कोर्ट तक
इस पर यामी गौतम कहती हैं कि अगर हमारे हाथ किसी का खून हो जाएं तो क्या आप तब भी मुझसे यही बात कहेंगे? टीजर में आगे इमरान हाशमी कहते हैं कि शरीयत का मामला अब इस कोर्ट में डिसकस होगा?’ हाल ही में फिल्म से यामी गौतम का पोस्टर जारी किया गया, जिसमें वह सुप्रीम कोर्ट की सीढ़ियों पर फाइल लिए चलती नजर आईं। इस पोस्टर को शेयर करते हुए मेकर्स ने लिखा कि घर की दहलीज से सुप्रीम कोर्ट तक… हक और हक की लड़ाई।’ साथ ही सवाल उठाया गया कि कौन दिलाएगा हक, कौम या कानून?
