

Ajay Devgn Film Drishyam 3 Review: भारतीय सिनेमा की सबसे लोकप्रिय और सफल सस्पेंस-थ्रिलर फ्रेंचाइजी का अंतिम अध्याय यानी 'दृश्यम 3' आखिरकार बड़े पर्दे पर दस्तक दे चुका है। अजय देवगन स्टारर यह फिल्म दर्शकों को फिर से एक ऐसे रोमांचक मोड़ पर ले जाती है जहां हर कदम पर रहस्य और रणनीति का ताना-बाना बुना गया है। नवभारत इस सस्पेंस से भरपूर थ्रिलर को 3.5 स्टार्स की रेटिंग देता है। अगर आप जानना चाहते हैं कि क्या विजय सालगांवकर इस बार भी अपने परिवार को बचा पाएगा या कानून का शिकंजा कस जाएगा, तो पढ़िए यह विस्तृत रिव्यू।
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टार कास्ट और उनका दमदार प्रदर्शन है। विजय सालगांवकर के किरदार में अजय देवगन ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे इस फ्रेंचाइजी की रीढ़ हैं। चेहरे पर बिना किसी बड़े बदलाव के आंखों से अपनी भावनाओं और चालाकी को बयां करना उनकी सबसे बड़ी कला है। इस फेयरवेल चैप्टर में उनका अभिनय अद्भुत और प्रभावशाली है।
दृश्यम 3 में पुलिस अफसर के रूप में जयदीप अहलावत की प्रविष्टि फिल्म को एक नया आयाम देती है। अजय देवगन और जयदीप अहलावत के बीच के फेस-ऑफ सीन्स सांसें थाम देने वाले हैं। जयदीप अपनी कड़क स्क्रीन प्रेजेंस और जबरदस्त संवाद अदायगी के साथ शानदार नजर आए हैं। पूर्व आईजी मीरा देशमुख के रूप में तब्बू अपनी टॉप फॉर्म में हैं। एक दुखी मां और एक सख्त पुलिस अधिकारी के बीच का संतुलन उन्होंने बेहतरीन तरीके से निभाया है।
'दृश्यम 3' का सबसे मजबूत पहलू इसका स्क्रीनप्ले और डायलॉग्स हैं। इस फिल्म के लेखक आमिल कियान खान की विशेष रूप से सराहना की जानी चाहिए उन्होंने फिल्म में ऐसे चुटीले और असरदार पंचलाइन्स और संवाद लिखे हैं जो दर्शकों को सिनेमाघरों में सीट से बांधे रखते हैं। कहानी का मोड़ इतना कसा हुआ है कि दर्शक एक पल के लिए भी अपनी नजरें पर्दे से नहीं हटा पाते। इसके अलावा, आमिल द्वारा लिखे गए गानों के बोल भी बेहद प्रभावशाली, प्रासंगिक और प्रशंसनीय हैं, जो फिल्म के थ्रिल और बैकग्राउंड स्कोर को एक अलग गहराई प्रदान करते हैं।
निर्देशक अभिषेक पाठक ने कहानी की रफ्तार पर बेहतरीन पकड़ बनाई रखी है। फिल्म का पहला हाफ जहाँ बैकग्राउंड और केस की नई परतों को सेट करने में समय लेता है, वहीं सेकंड हाफ में रफ्तार इतनी तेज हो जाती है कि क्लाइमेक्स तक सस्पेंस का ग्राफ लगातार ऊपर बढ़ता जाता है। अमर मोहिले का बैकग्राउंड स्कोर और सिनेमैटोग्राफी थ्रिलर माहौल को और ज्यादा खौफनाक और रोमांचक बनाती है।
'दृश्यम 3' एक बेहतरीन, कसी हुई और पैसा वसूल सस्पेंस-थ्रिलर है जो इस लेजेंडरी फ्रेंचाइजी को एक शानदार अंत प्रदान करती है। अगर आप थ्रिलर शोज के शौकीन हैं और विजय सालगांवकर की बुद्धिमान रणनीति के फैन हैं, तो यह फिल्म आपके लिए मस्ट-वॉच है।