Celina Jaitly's Brother Case (फोटो क्रेडिट-इंस्टाग्राम)
Celina Jaitly’s Brother Case: यूएई (संयुक्त अरब अमीरात) में हिरासत में लिए गए मेजर विक्रांत जेटली की रिहाई की कानूनी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार द्वारा पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट पर विचार किया और अभिनेत्री सेलिना जेटली के वकील को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल करने के निर्देश दिए। कोर्ट की इस सक्रियता ने परिवार में उम्मीद की नई किरण जगा दी है।
सेलिना जेटली पिछले कई महीनों से अपने भाई को कानूनी सहायता दिलाने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार और न्यायपालिका के चक्कर काट रही हैं।
जस्टिस की पीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान निर्देश दिया कि नए तथ्यों और जानकारियों को रिकॉर्ड में शामिल करने के लिए अतिरिक्त हलफनामा पेश किया जाए। सेलिना के वकील राघव काकर ने इस डेवलपमेंट को बेहद “पॉजिटिव” बताया है। उन्होंने कहा कि मंगलवार (3 फरवरी) तक स्थिति काफी हद तक साफ हो जाएगी। सेलिना का मुख्य उद्देश्य यह है कि उनके भाई को यूएई की जेल में उचित संचार सुविधा (Communication link) और भारतीय कानूनी सहायता प्राप्त हो सके।
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आईएएनएस (IANS) से बातचीत में सेलिना जेटली काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा, “मैं बहुत सकारात्मक महसूस कर रही हूँ। पूरा देश मेजर विक्रांत के लिए प्रार्थना कर रहा है। मेरी प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार से बस एक ही विनती है कि कृपया मेरे भाई को सुरक्षित वापस ले आइए।” सेलिना का आरोप है कि उनके भाई को शुरू में 9 महीने तक एक गुप्त स्थान पर रखा गया था, जहाँ परिवार का उनसे कोई संपर्क नहीं था।
मेजर विक्रांत जेटली साल 2016 से यूएई के ‘मैटीटी ग्रुप’ में कार्यरत थे। सितंबर 2024 में उन्हें कथित तौर पर राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के कारण हिरासत में लिया गया था। सेलिना का दावा है कि उनके भाई को बिना किसी उचित कानूनी प्रक्रिया या सूचना के कैद में रखा गया। इसके बाद अभिनेत्री ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर भारत सरकार के हस्तक्षेप की मांग की थी। अब कोर्ट के कड़े रुख के बाद भारत सरकार भी इस मामले में यूएई प्रशासन से संपर्क बनाए हुए है।