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कीर्ति कुल्हारी साइबर फ्रॉड का शिकार हुईं, उनके क्रेडिट कार्ड से अनधिकृत अंतरराष्ट्रीय ट्रांजैक्शन हुए।
अंकुश बहुगुणा ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम का सामना किया, जिसमें उन्हें करीब 40 घंटे तक साइबर अरेस्ट में रखा गया।
पूजा बनर्जी ठगी का शिकार हुईं, जिससे सेलिब्रिटीज की ऑनलाइन सुरक्षा पर सवाल उठे।
Kirti Kulhari Digital Scam: बड़े पर्दे पर अक्सर बड़े ऑनलाइन ठगी की कहानियों को दिखाया जाता है, जिन्हें दर्शक थ्रिलर के रूप में काफी पसंद करते हैं। लेकिन जब यही कड़वी हकीकत रियल लाइफ में जानी-मानी हस्तियों के साथ होती है, तो यह मनोरंजन से कोसों दूर एक गंभीर चिंता का मुद्दा बन जाती है।
हाल के दिनों में बॉलीवुड से लेकर टीवी इंडस्ट्री तक के कई पॉपुलर स्टार्स साइबर अपराधियों का शिकार बन चुके हैं। एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी से लेकर कंटेंट क्रिएटर अंकुश बहुगुणा और टीवी कलाकारों तक के साथ हुई इन घटनाओं ने यह साफ कर दिया है कि ऑनलाइन सिक्योरिटी में थोड़ी सी चूक किसी को भी भारी पड़ सकती है।
फेमस एक्ट्रेस कीर्ति कुल्हारी के साथ हाल ही में एक चौंकाने वाली घटना घटी, जब उन्हें अपने बैंक खाते से अनऑथोराइजड अंतरराष्ट्रीय लेनदेन की जानकारी मिली। एक इंटरव्यू में उन्होंने शेयर किया था कि फिल्म की स्क्रीनिंग के दौरान उनके मोबाइल पर क्रेडिट कार्ड से डॉलर में भुगतान होने का नोटिफिकेशन आया था।
उन्हें समझ ही नहीं आया कि मॉर्डन तकनीक के इस दौर में जब हर जानकारी हमारे फोन में सुरक्षित होती है, तब भी ठग किस तरह सेंध लगा लेते हैं। इस तरह के मामलों ने यह दिखा दिया है कि आम इंसान ही नहीं बल्कि बड़े सेलिब्रिटीज भी डिजिटल धोखाधड़ी के आसान शिकार बनते जा रहे हैं।
पॉपुलर कंटेंट क्रिएटर अंकुश बहुगुणा ने अपने साथ हुए डिजिटल अरेस्ट स्कैम का भयानक अनुभव शेयर करते हुए बताया था कि किस तरह अपराधियों ने उन्हें करीब 40 घंटे तक मानसिक दबाव में रखा था।
इस तरह की ठगी में अपराधियों का मुख्य उद्देश्य पीड़ित को डराकर उसकी सेविंग हड़पना होता है। टीवी इंडस्ट्री के कलाकार पूजा बनर्जी, कुणाल वर्मा और राहुल सिंह तोमर जैसे सितारों ने भी अलग-अलग प्रकार की पैसों की धोखाधड़ी का सामना किया है, जहां उन्होंने अपनी गाढ़ी कमाई गंवाई है।
इन सभी मामलों में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कई बार पीड़ितों ने अपनी तरफ से कोई भी ओटीपी या यूपीआई पिन शेयर नहीं किया होता है, फिर भी उनके बैंक खाते खाली हो जाते हैं। जामतारा और स्कैम जैसी सीरीज ने भले ही बड़े या छोटे पर्दे पर इन घोटालों के अलग-अलग रूप दिखाए हों।
लेकिन असल जिंदगी की ये घटनाएं किसी भी स्क्रिप्ट से ज्यादा डरावनी होती हैं। साइबर सिक्योरिटी के प्रति लाख दावों के बावजूद अपराधियों के नए और उन्नत तरीके हर दिन लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं। यह स्थिति इस बात की वॉर्निंग है कि डिजिटल लेन-देन के दौरान ज्यादा सतर्कता बरतना ही एकमात्र सुरक्षा है।