Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी न्यूज़
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

जब 11 साल के भीमसेन जोशी ने राग भैरव से टीटीई का दिल जीता, बिना टिकट शुरू हुआ सुरों का सफर

Bhimsen Joshi Career: भीमसेन जोशी का संगीत सफर 11 साल की उम्र में बिना टिकट ट्रेन यात्रा से शुरू हुआ। गुरु सवाई गंधर्व की शरण में वर्षों की साधना के बाद वे भारतीय शास्त्रीय संगीत के अमर स्तंभ बने।

  • Written By: सोनाली झा
Updated On: Jan 24, 2026 | 07:31 AM

भीमसेन जोशी (सोर्स- सोशल मीडिया)

Follow Us
Close
Follow Us:

Bhimsen Joshi Death Anniversary: भारतीय शास्त्रीय संगीत के आकाश में पंडित भीमसेन जोशी एक ऐसा नाम हैं, जिनकी आवाज़ ने पीढ़ियों तक श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। ख्याल गायकी को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने वाले भीमसेन जोशी सिर्फ अपनी गायकी के लिए ही नहीं, बल्कि अपने संघर्ष, साधना और जीवन के प्रेरक किस्सों के लिए भी जाने जाते हैं। 24 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर उनके जीवन से जुड़ा एक ऐसा किस्सा याद किया जाता है, जो उनके संगीत के प्रति जुनून को दर्शाता है।

भीमसेन जोशी का जन्म 4 फरवरी 1922 को कर्नाटक के गड़ग जिले में हुआ था। बचपन से ही उनमें संगीत के प्रति गहरी रुचि दिखाई देने लगी थी। कहा जाता है कि वे स्कूल से लौटते समय रेडियो की दुकानों के बाहर खड़े होकर शास्त्रीय संगीत सुनते और सुरों को समझने की कोशिश करते थे। यही लगन आगे चलकर उन्हें घर छोड़ने तक ले गई।

भीमसेन जोशी का सफर

साल 1933 में मात्र 11 वर्ष की उम्र में भीमसेन जोशी गुरु की तलाश में घर से निकल पड़े। जेब में पैसे नहीं थे, इसलिए वे ट्रेन में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे। सफर के दौरान जब टीटीई ने टिकट मांगा और जुर्माना लगाने की बात कही, तो भीमसेन ने राग भैरव गाने की अनुमति मांगी। उनकी गायकी सुनते ही टीटीई और ट्रेन में मौजूद यात्री भाव-विभोर हो गए। उनकी प्रतिभा से प्रभावित होकर यात्रियों ने न सिर्फ उनका जुर्माना भरा, बल्कि सम्मान के साथ उन्हें आगे की यात्रा के लिए मदद भी की। यही वह पल था, जब एक साधारण बच्चा सुरों की दुनिया में महान बनने की ओर बढ़ चला।

सम्बंधित ख़बरें

Birthday Special: राज कपूर के बाद बॉलीवुड के शोमैन बने सुभाष घई, ‘एम’ नाम की हीरोइनों ने बदली किस्मत

Rekha Bhardwaj Birthday: रेडियो से शुरू हुआ सफर, विशाल भारद्वाज ने बदली किस्मत, नमक इश्क का ने बना दिया स्टार

Riya Sen Birthday: विरासत में मिली एक्टिंग, पर विवादों ने डुबोया करियर, जानें रिया सेन की अनसुनी कहानी

अंकिता लोखंडे ने सास पर लुटाया प्यार, जन्मदिन पर लिखा भावुक नोट

ये भी पढ़ें- Birthday Special: राज कपूर के बाद बॉलीवुड के शोमैन बने सुभाष घई, ‘एम’ नाम की हीरोइनों ने बदली किस्मत

भीमसेन जोशी का करियर

इसके बाद भीमसेन जोशी ने सवाई गंधर्व को अपना गुरु बनाया और वर्षों तक कठिन रियाज़ किया। उन्होंने ख्याल के साथ-साथ ठुमरी, भजन, अभंग और नाट्य संगीत में भी अपनी अलग पहचान बनाई। उनके पसंदीदा रागों में यमन, भैरव, दरबारी, मियां मल्हार और बसंत बहार शामिल थे। पंडित भीमसेन जोशी को उनके अद्वितीय योगदान के लिए पद्मश्री, पद्मभूषण, पद्मविभूषण और वर्ष 2008 में भारत रत्न से सम्मानित किया गया। 24 जनवरी 2011 को उनका निधन हो गया, लेकिन उनकी आवाज़, उनकी तानें और उनकी साधना आज भी संगीत प्रेमियों के दिलों में जीवित हैं।

Bhimsen joshi raga bhairav 11 year old without ticket journey

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Jan 24, 2026 | 07:30 AM

Topics:  

  • Bollywood News
  • Celebrity News
  • Death Annieversary
  • Entertainment News

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.