3 साल की उम्र में बजाया तबला, 19 में बने म्यूजिक डायरेक्टर, ऐसी थी डिस्को किंग बप्पी लाहिरी की जर्नी
Bappi Lahiri Birth Anniversary: बप्पी लाहिरी ने हिंदी, बंगाली और दक्षिण भारतीय भाषाओं में 5000 से अधिक गाने कंपोज किए। 70–90 के दशक में उन्होंने बॉलीवुड में डिस्को बीट्स का नया दौर शुरू किया।
- Written By: सोनाली झा
बप्पी लाहिरी (सोर्स- सोशल मीडिया)
Bappi Lahiri Birth Anniversary Special Story: हिंदी सिनेमा के मशहूर गायक और संगीतकार बप्पी लाहिरी को डिस्को किंग के नाम से आज भी जाना जाता है। उनके संगीत की डिस्को बीट और जिंदादिल आवाज ने संगीत उद्योग और हिंदी सिनेमा में अपनी अमिट छाप छोड़ी है। बंगाली सिनेमा से अपने करियर को शुरू कर उन्होंने हिंदी सिनेमा में छोटी सी उम्र में अपनी पहचान बना ली थी। 27 नवंबर को बप्पी लाहिरी की जयंती है।
कम ही लोग जानते हैं कि बप्पी लाहिरी का असली नाम अलोकेश लाहिरी था। 27 नवंबर 1952 को जन्मे बप्पी दा ने 15 फरवरी 2022 को इस दुनिया को अलविदा कह दिया। बप्पी दा को 1970-80-90 के दशक में बॉलीवुड में डिस्को बीट्स की बाढ़ लाने का श्रेय जाता है। उन्हें इसी वजह से डिस्को किंग ऑफ़ इंडिया का नाम भी मिला।
बप्पी लाहिरी का करियर
बप्पी दा ने हिन्दी, बांग्ला और दक्षिण भारतीय भाषाओं में 5000 से ज्यादा गाने कंपोज किए। यह भी अपने आप में एक उपलब्धि है। इसके साथ ही उन्होंने कई सिंगिग रिएलिटी शोज में बतौर जज अपनी भूमिका निभाई। राजनीति में भी बप्पी दा ने कदम रखा। 2014 में वह भाजपा में शामिल हुए थे, लेकिन सक्रिय राजनीति नहीं की।
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बप्पी लाहिरी का बचपन
मशहूर गायक और संगीतकार बप्पी लाहिरी बचपन से ही संगीत में रुचि रखते थे, क्योंकि उनके पिता, अपरेश लाहिरी, एक प्रसिद्ध बंगाली गायक थे और उनकी मां, बंसरी लाहिरी, भी गायिका और संगीतकार थीं। संगीत बप्पी दा को विरासत में मिला था और उन्होंने अपने माता-पिता की विरासत को एक नए मुकाम पर पहुंचाया। बचपन में उन्होंने अपने माता-पिता से ही संगीत के गुण सीखे।
बप्पी लाहिरी पसंद था तबला बजाना
बहुत कम लोग जानते हैं कि संगीत बनाने और गाने के अलावा बप्पी लाहिरी को तबला बजाना भी बहुत पसंद था और इस काम में भी वह माहिर थे। उन्होंने तीन साल की छोटी उम्र में तबला बजाना शुरू कर दिया था। उस छोटी सी उम्र में भी, बप्पी दा में किसी प्रोफेशनल तबला वादक के गुण साफ दिखते थे। 19 साल की उम्र में लाहिरी ने बतौर म्यूजिक डायरेक्टर डेब्यू किया और उन्हें सफलता भी मिली।
बप्पी लाहिरी का पहला ब्रेक
बप्पी लाहिरी को पहला ब्रेक साल 1972 में आई बंगाली फिल्म ‘दादू’ से मिला, लेकिन हिंदी सिनेमा में उन्होंने साल 1973 में आई फिल्म ‘नन्हा शिकारी’ से अपने संगीतकार के तौर पर करियर की शुरुआत की। उन्होंने कई फिल्मों में अपना म्यूजिक दिया, लेकिन वे ताहिर हुसैन की हिंदी फिल्म ‘जख्मी’ से लोकप्रिय हुए। उन्होंने न सिर्फ फिल्म में संगीत दिया, बल्कि प्लेबैक सिंगर के तौर पर पहली बार अपनी आवाज भी दी।
