अनुपम खेर का इमोशनल मैसेज वायरल, बोले- प्यारे दिसंबर, आंसू नहीं खुशियां छोड़कर जाना
Anupam Kher December Poem: अनुपम खेर ने साल के आखिरी दिन दिसंबर को विदाई देते हुए एक भावुक कविता शेयर की। कविता में उन्होंने दुखों को पीछे छोड़कर खुशियां और उजाला देने की कामना की।
- Written By: सोनाली झा
अनुपम खेर (फोटो- सोशल मीडिया)
Anupam Kher Emotional Message: साल 2025 के आखिरी दिन बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर ने एक बार फिर अपने भावुक और संवेदनशील अंदाज से फैंस का दिल जीत लिया। सोशल मीडिया पर एक्टिव रहने वाले अनुपम खेर ने नए साल से ठीक पहले ‘जाते दिसंबर’ को संबोधित करते हुए एक खास कविता साझा की, जिसमें उन्होंने दुखों को पीछे छोड़कर खुशियों और रोशनी की कामना की। अभिनेता का यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग उनकी इस पहल की जमकर सराहना कर रहे हैं।
अनुपम खेर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक वीडियो शेयर किया, जिसमें वह अपने दोस्त सतीश मल्होत्रा द्वारा भेजी गई कविता को पढ़ते नजर आ रहे हैं। इस कविता के जरिए उन्होंने दिसंबर महीने से जाते-जाते लोगों के जीवन में खुशियां और उजाला छोड़ जाने की अपील की। कविता में कहा गया, “प्यारे दिसंबर, तुम जा रहे हो, जाने से पहले भरकर सौगातें देकर जाना। रोशन हो सबका जीवन, लेकिन तुम अंधियारे लेकर जाना। न रहे आंखों में आंसू, तुम चेहरे पर खुशी देखकर जाना। इन पंक्तियों ने फैंस को भावुक कर दिया।
अनुपम खेर का वीडियो
वीडियो के साथ अनुपम खेर ने कैप्शन में लिखा कि प्रिय दिसंबर, तुम जा रहे हो। जाने से पहले तुम्हें क्या-क्या करना है, ये इन पंक्तियों में कवि ने बड़ी सादगी से बयां किया है। कविता भेजने के लिए मेरे दोस्त सतीश मल्होत्रा धन्यवाद। अभिनेता की यह सादगी और सकारात्मक सोच लोगों को खूब पसंद आ रही है। यूजर्स कमेंट कर रहे हैं कि कविता का हर शब्द दिल को छूने वाला है और नए साल के लिए उम्मीद जगाता है।
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अनुपम खेर की कविता
यह पहली बार नहीं है जब अनुपम खेर ने कविता के जरिए फैंस से संवाद किया हो। इससे पहले 30 दिसंबर को भी उन्होंने ‘अब जाने दो, काफी हो गया’ नाम की कविता शेयर की थी, जिसमें बीते साल की थकान और अनुभवों को अलविदा कहने का भाव था। साफ है कि अनुपम खेर के लिए कविताएं सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि भावनाओं को व्यक्त करने का माध्यम हैं।
अनुपम खेर का वर्कफ्रंट
वर्कफ्रंट की बात करें तो साल 2025 अनुपम खेर के लिए बेहद खास रहा। इसी साल उन्होंने बतौर निर्देशक अपनी पहली फिल्म ‘तन्वी द ग्रेट’ का निर्देशन किया, जिसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहना मिली और कई अवॉर्ड्स से नवाजा गया। इसके अलावा, वह अपनी ऑटोबायोग्राफिकल थिएटर शो ‘कुछ भी हो सकता है’ के जरिए देश के अलग-अलग राज्यों में दर्शकों से रूबरू हो रहे हैं।
