अभिषेक बच्चन (फोटो- सोशल मीडिया)
Abhishek Bachchan Birthday Special: बॉलीवुड में स्टारकिड होना हमेशा आसान रास्ते की गारंटी नहीं देता। इसका सबसे बड़ा उदाहरण हैं अभिनेता अभिषेक बच्चन, जिनकी जिंदगी बाहर से जितनी चमकदार दिखती है, अंदर से उतनी ही संघर्षों और फैसलों से भरी रही है। बहुत कम लोग जानते हैं कि अभिषेक का सपना बचपन से अभिनेता बनने का नहीं था। फिल्मों में कदम रखने से पहले वह एक सफल बिजनेस प्रोफेशनल बनना चाहते थे और कॉरपोरेट दुनिया में अपना नाम देखना चाहते थे।
अभिषेक बच्चन का जन्म 5 फरवरी 1976 को मुंबई में हुआ। वह सदी के महानायक अमिताभ बच्चन और जया बच्चन के बेटे हैं। ऐसे फिल्मी परिवार में जन्म लेने के बावजूद अभिषेक की परवरिश सामान्य और अनुशासित माहौल में हुई। पढ़ाई के लिए उन्हें विदेश भेजा गया, जहां उन्होंने बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई शुरू की। उनका सपना था कि वह मल्टीनेशनल कंपनियों में काम करें और एक सफल कॉरपोरेट प्रोफेशनल बनें।
हालांकि विदेश में रहते हुए अभिषेक ने अपने पिता अमिताभ बच्चन के जीवन का वह कठिन दौर देखा, जब वह आर्थिक और करियर से जुड़े गंभीर संघर्षों से गुजर रहे थे। पिता को इतनी मुश्किलों से जूझते देख अभिषेक के मन में बदलाव आने लगा। परिवार की जिम्मेदारियों और हालात ने उन्हें सोचने पर मजबूर कर दिया कि शायद उनका रास्ता भी सिनेमा की ओर ही जाता है। इसी दौरान उन्होंने अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ी और भारत लौट आए।
साल 2000 में अभिषेक बच्चन ने जे.पी. दत्ता की फिल्म ‘रिफ्यूजी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट साबित नहीं हुई, लेकिन अभिषेक की सादगी और स्क्रीन प्रेजेंस पर लोगों की नजर जरूर गई। इसके बाद उनके करियर का शुरुआती दौर काफी संघर्ष भरा रहा। लगातार कई फिल्में फ्लॉप हुईं और उन पर “स्टारकिड होने के बावजूद असफल” होने के ताने भी लगे। पिता अमिताभ बच्चन से उनकी तुलना होना उनके लिए सबसे बड़ी चुनौती बन गई।
हालांकि समय के साथ अभिषेक ने खुद को साबित किया। ‘युवा’, ‘बंटी और बबली’, ‘धूम’ फ्रेंचाइजी, ‘गुरु’ और ‘दिल्ली-6’ जैसी फिल्मों में उन्होंने अलग-अलग तरह के किरदार निभाकर अपनी अलग पहचान बनाई। खासतौर पर फिल्म ‘गुरु’ में उनके अभिनय को समीक्षकों और दर्शकों ने खूब सराहा। आज अभिषेक बच्चन सिर्फ एक अभिनेता ही नहीं, बल्कि एक समझदार निवेशक और बिजनेस माइंडेड पर्सनालिटी भी हैं।